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सुबह से शाम कॉलेज कैम्पस में किया हंगामा ।

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भीमताल (नैनीताल)। तीन साल पहले 2015 में नलदमयंती ताल में डूबकर मरे ग्राफिक एरा के छात्र के परिजनों ने बृहस्पतिवार को कॉलेज कैंपस पहुंचकर दिनभर हंगामा काटा। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार बीते दिनों जागर के दौरान उनके बेटे की आत्मा ने आकर उनसे दोस्तों द्वारा ही उसे मार जाने की बात कही थी। तब से वे विचलित हैं। परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। देर रात हंगामा कर रहे परिजनों को उनके रिश्तेदार के यहां भेज दिया गया।
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भीमताल स्थित ग्राफिक एरा कालेज में बागेश्वर निवासी विक्रम सिंह धरमसत्तू बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था। वह कॉलेज के हॉस्टल में रहता था। वर्ष 2015 के मई में विक्रम सिंह अपने दोस्तों के साथ कॉलेज प्रबंधन से अनुमति लेकर नलदमयंती ताल में पिकनिक मनाने गया था। इस दौरान विक्रम सिंह की झील में डूबकर मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के पिता चंद्रन सिंह ने दोस्तों पर बेटे को जहर देकर मारने का मुकदमा दर्ज कराया था। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विक्रम सिंह की मौत कारण डूबना आने और लाई डिटेक्टर टेस्ट भी तीनों छात्रों की रिपोर्ट सामान्य आने पर न्यायालय से उन्हें बरी कर दिया गया था। बृहस्पतिवार सुबह अचानक कॉलेज कैंपस में विक्रम सिंह के माता-पिता और भाई पहुंच गए। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन और पुलिस प्रशासन पर आरोपी छात्रों को बचाने का आरोप लगाते हुए दिनभर हंगामा काटा। कॉलेज प्रबंधन ने माहौल खराब होता देख भवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे एसआई भुवन सिंह राणा, चौकी इंचार्ज क्वारब देवनाथ गोस्वामी ने चंद्रन सिंह और उनकी पत्नी को समझाने की कोशिश की। लेकिन परिजन सीबीआई जांच कराने की मांग पर अड़े रहे। इस पर एसआई भुवन सिंह ने एसएपी हरीश चन्द्र को घटना से अवगत कराया। एएसपी सती ने भी पहुंचकर मृतक के माता-पिता को मनाने की कोशिश की।

बेटे को न्याय दिलाकर ही रहेंगे
मृतक के पिता चन्द्रन सिंह ने बताया कि कुछ दिनों पहले उन्होंने अपने घर में जागर लगाई थी, जिसमें उनके बेटे की आत्मा अपनी मां के शरीर में आई। उसने कहा कि उसे उसके दोस्तों ने जहर देकर मारा है और उसे न्याय चाहिए। इसीलिए वह आज अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ कॉलेज कैंपस में पहुंचे हैं। वे बेटे के हत्यारों को सजा दिलाकर रहेंगे। बाद में उन्हें समझाकर रिश्तेदार के यहां भेज दिया गया।
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- छात्र की मौत का दुख हमें भी है पर छात्र के परिजन इस तरह हंगामा कर कॉलेज प्रबंधन का माहौल खराब कर रहे हैं। अगर उन्हें न्याय चाहिए तो न्यायालय की शरण में जाएं। -अनिल कुमार बालिगा, निदेशक
- हमने मृतक के परिजनों से सीबीआई जांच के लिए लिखित में देने को कहा है पर वह लिखित में देने को तैयार नहीं हैं। परिजन उच्चाधिकारियों को भेजने की बात को लेकर अड़े हुए हैं। -हरीश चन्द्र सती, एएसपी
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