हल्द्वानी। बनभूलपुरा पुलिस हत्या के प्रयास के मामले में गैंगेस्टर के आरोपी अफसर उर्फ मल्लू के घर की कुर्की कार्रवाई के लिए प्रयासरत थी लेकिन इस मामले में हाईकोर्ट ने एफआईआर ही निरस्त कर दी। थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने बताया कि इस मुकदमे में अब कुछ नहीं होगा क्योंकि भुक्तभोगी ने समझौता कर लिया है।
लाइन नंबर एक आजादनगर निवासी कोयला व्यवसायी सरताज ने बनभूलपुरा पुलिस को तहरीर दी कि 20 जनवरी की रात वह अपना बकाया मांगने अफसर उर्फ मल्लू के घर गया था। मल्लू ने सरताज को पैसा देने के लिए कमरे के अंदर बुलाया और उसकी पिटाई कर दी। घटना के समय लाइन नंबर तीन निवासी जावेद इलाही (मेरठ वाले) और बबलू भी थे। घटना के बाद बेस अस्पताल में उसने इलाज कराया। अस्पताल से वह रात करीब डेढ़ बजे अपने भाई रज्जाक और सद्दाम के साथ घर लौट रहा था। आरोप है कि छतरी चौराहे के पास बोलेरो सवार मल्लू ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की। पुलिस ने इसी आधार पर गैंगेस्टर के आरोपी अफसर उर्फ मल्लू के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के नहीं मिलने पर अदालत से गैर जमानती वारंट और कुर्की उद्घोषणा का आदेश प्राप्त किया। पुलिस ने कुर्की उद्घोषणा की कार्रवाई कर दी। पुलिस कुर्की कार्रवाई करने के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र देने वाली थी। थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने बताया कि भुक्तभोगी ने अदालत में समझौता कर लिया है। इस मामले में हाईकोर्ट से एक आदेश आया है। हाईकोर्ट ने प्राथमिकी को निरस्त कर दिया है।
फायरिंग मामले में एफआईआर कोर्ट से निरस्त
गैंगेस्टर के आरोपी के खिलाफ दर्ज था हत्या के प्रयास का मुकदमा, अब समझौता