हल्द्वानी। राधा हत्याकांड ने सबको झकझोर कर रख दिया था। पुलिस ने इस घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया लेकिन अभी भी तीन आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
पंचायत घर के पास बैड़ा पोखरा गांव में कोचिंग संचालक भुवन भट्ट के घर में पांच जून 2018 की रात डकैत घुस गए। डकैतों ने चापड़ और रॉड से वारकर भुवन और उसकी पत्नी राधा को लहूलुहान कर दिया। राधा की मौत हो गई थी। कातिल घर में रखे जेवर, रुपये और मोटरसाइकिल लेकर भाग गए। घटना का पता तब चला जब दो दिन बाद किरायेदार ने मेन गेट का ताला टूटा देखा। पुलिस ने घायल भुवन चंद्र भट्ट को अस्पताल में भर्ती कराया। करीब एक महीने तक इलाज के बाद भुवन की जान बची। डीआईजी के निर्देश पर नैनीताल और ऊधमसिंहनगर पुलिस की टीमें लगाई गई। पुलिस ने कई दिनों बाद रुद्रपुर प्रीत विहार निवासी जैन हसन उर्फ इकबाल उर्फ साईं पुत्र अनवर उर्फ नसेरू और खाबिद उर्फ लंबरदार पुत्र मासूम को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। बदमाशों से कोचिंग संचालक भुवन की बाइक बरामद की गई। दोनों ने बताया कि राधा हत्याकांड के 17 दिन बाद गैंग ने रुद्रपुर की गंगापुर रोड स्थित सर्वेश्वरी कॉलोनी निवासी पंकज श्रीवास्तव के घर में डकैती डालकर उनकी पत्नी अपर्णा की हत्या और बेटी को घायल कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस इस मामले में अभी तीन डकैतों को गिरफ्तार करने में असफल रही।
राधा हत्याकांड ने सबको झकझोर दिया था