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शहर के व्यवसायी सकते में अरुण पाल की तरह हुई हत्या

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हल्द्वानी। व्यवसायी विकास अग्रवाल की हत्या से हर कोई हैरान है। घटनास्थल पर पसरे खून और सिक्के यह बताने के लिए काफी थे कि विकास ने मौत से बचने के लिए कातिलों से काफी संघर्ष किया था। उसका स्वेटर कातिलों ने मौत के घाट उतारने के लिए निकाल कर फेंक दिया था। सिक्के जमीन पर बिखरे पड़े थे। धारदार हथियार का वार रोकने के कारण हाथ पर चोट के निशान पड़े थे। करीब दो मीटर के बीच व्यवसायी के खून के छींटे बिखरे पड़े थे। मौके पर बीड़ी, शराब की टूटी बोतलें पड़ी थी। लोगों का कहना था कि यह जंगल जुआरियों और नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। सुनसान स्थान पर नशेड़ी नशा करते हैं।
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विकास की हत्या के मामले में शहर की पुलिस को कुछ अहम जानकारियां मिली है। पुलिस इसी आधार पर कातिलों की तलाश में जुट गई है। पुलिस अभी घटना को पैसे के लेनदेन से जोड़कर जांच कर रही है। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की तह तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। पुलिस को कुछ अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। इसी आधार पर कुछ लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। एक अन्य टीम पैसे के लेनदेन के मामले को केंद्र में रखकर जांच कर रही है। पुलिस टीमों को भरोसा है कि घटना का शीघ्र खुलासा हो सकता है। इधर परिजनों ने भी बताया कि पिछले साल विकास अग्रवाल का प्रतिद्वंद्वी व्यवसायी से खुन्नस हो गई थी। उसने विकास के खिलाफ अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि यह घटना पूरी योजना बनाकर की गई है। पुलिस को शक है कि किसी करीबी ने घटना में अहम भूमिका निभाई है। इसी कारण व्यवसायी कातिलों के साथ चलने के लिए तैयार हो गया और धोखा खा गया। बगैर पूर्व योजना के कातिलों ने घटना को अंजाम नहीं दिया है।

अंतिम कॉल पर पुलिस की विशेष नजर
हल्द्वानी। व्यवसायी की हत्या के मामले में एसओजी की टीम ने घटनास्थल के टावर के काफी संख्या में नंबरों को खंगालना शुरू कर दिया है, लेकिन अंतिम समय संदिग्ध नंबरों पर हुई बातचीत को पुलिस एक एक कर जांच कर रही है। पुलिस प्रत्येक संदिग्ध की स्थिति का पता करने के बाद उसकी आगे की गतिविधियों पर पुलिस की नजर है।
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बेसुध हो गई पत्नी
हल्द्वानी। घटना की जानकारी मिलने के बाद मां साधना अग्रवाल, विकास की पत्नी ममता, पिता मुनीकांत का रोते रोते बुरा हाल हो गया है। पड़ोस की महिलाएं और रिश्तेदार ढांढस बधा रहे हैं लेकिन जवान बेटे की हत्या ने माता पिता को अंदर से तोड़कर रख दिया है। पत्नी ममता की शाम के समय हालत काफी खराब हो गई। इलाज के लिए परिजनों ने डाक्टर को बुलाया। बेटी वर्तिका (08) और बेटा अंशु (04) है। बच्चे मां दादी दादा के रोने को देखकर काफी परेशान हो गए हैं। घर पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि विकास कोई नशा नहीं करते थे। सिर्फ दुकान से आने जाने का मतलब रखते थे।

भाई के नहीं आने पर रोका गया शव
हल्द्वानी। बड़े भाई के आने में देरी के कारण विकास का अंतिम संस्कार सोमवार को नहीं हो पाया। रिश्तेदार पंकज वार्ष्णेय ने बताया कि विकास अग्रवाल के बड़े भाई विवेक अग्रवाल कोलकाता में रहते हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद वह किसी प्रकार रात में दिल्ली आ गए थे लेकिन देर रात तक हल्द्वानी पहुंचने की संभावना है।


तीन साल बाद फिर हिल गए व्यवसायी
हल्द्वानी। मूनगली में तीन साल पहले व्यवसायी योगेश गुप्ता की हत्या हुई तो शहर के लोग सहम गए थे। ठीक इसी प्रकार विकास अग्रवाल की हत्या से व्यवसायी सहम गए हैं। व्यवसायी योगेश गुप्ता की 20 जुलाई 2014 को मूनगली में गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। इसके बाद व्यवसायियों ने राहत की सांस ली। तीन साल बाद योगेश की तरह विकास अग्रवाल की हत्या की गई है।

अरुण पाल की हत्या भी जंगल में हुई थी
हल्द्वानी। उदयलालपुर के पास जंगल में 25 नवंबर 2015 को अरुण पाल की भी धारदार हथियार से हत्या की गई थी। सिंचाई विभाग कालोनी निवासी अरुण पाल घटना से पहले शहर में देर रात घूम रहा था। दूसरे दिन सुबह उदयलालपुर स्थित जंगल में उसकी लाश मिली। कातिलों ने धारदार हथियार से उसका शरीर छलनी कर दिया था। पुलिस अधिकारियों ने कई विवेचक बदले लेकिन कातिलों का अभी तक पता नहीं चल सका है।

खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन को उतरेंगे व्यवसायी
हल्द्वानी। शहर में एक बड़े व्यवसायी की निर्मम ढंग से हत्या की जानकारी मिलने पर शहर के अन्य व्यवसायी हैरत में हैं। घटना से क्षुब्ध प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने पुलिस को घेरने का ऐलान किया है। व्यापारियों का तर्क है कि यदि विरोध नहीं किया गया तो अपराधियों को मनोबल बढ़ेगा। व्यापारियों का कहना था कि अब तो व्यवसाय करना भी मुश्किल हो गया है। किसी के कहने पर जाना भी ठीक नहीं है। इस घटना ने व्यवसायियों को अंदर से हिलाकर रख दिया है। शहर के एक पुस्तक व्यवसायी का कहना था कि यह घटना हैरत करने वाली है। इस घटना का आम व्यवसायी विरोध करेंगे। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मीडिया प्रभारी नवनीत राणा ने बताया कि पुलिस ने यदि घटना का पर्दाफाश नहीं किया तो मंगलवार से व्यापारी थाने का घेराव प्रदर्शन करेंगे। इस मामले में प्रदेश सचिव नवीन वर्मा, बाबूलाल गुप्ता, योगेश शर्मा, विपिन गुप्ता, रूपेश नागर, हर्षवर्धन पांडे, मनोज अग्रवाल, शांति जीना, कुसुम डिगारी, रेनू टंडन, नदीम खान, एनसी तिवारी आदि पदाधिकारी साथ रहेंगे। यदि विरोध नहीं किया गया तो अन्य बदमाशों का मनोबल बढ़ेगा।

बिजली व्यवसायी आज बंद रखेंगे कारोबार
हल्द्वानी। व्यवसायी विकास अग्रवाल की हत्या के शोक में मंगलवार को इलेक्ट्रिक एसोसिएशन की स्थानीय इकाई ने कारोबार बंद रखने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन लाल शाह, महामंत्री अमित अग्रवाल, मदन सिंह फर्त्याल, नेत्र जोशी आदि पदाधिकारियों का कहना है कि वे कारोबार बंद कर जिला प्रशासन से कातिलों के गिरफ्तारी की मांग करेंगे।
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