हल्द्वानी। अंतरराष्ट्रीय ठगों के एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। काठगोदाम पुलिस ने दिल्ली के तुगलकाबाद में छापा मारकर गिरोह से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास 43 एटीएम कार्ड, 27 पासबुक, 35 चेकबुक, 21 सिम, 16 मोबाइल और 8700 रुपये बरामद हुए हैं। नाइजीरिया से जुड़े इस गिरोह के सदस्यों ने विदेशी युवती के सहारे एक निजी कंपनी के अधिकारी को फंसाया और छह लाख से अधिक रुपये ऐंठ लिए। पुलिस गिरोह से जुड़े दो अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने बृहस्पतिवार को काठगोदाम थाने में पत्रकारों को बताया कि सोशल मीडिया के जरिये एक विदेशी बाला ने शीशमहल फिल्टर हाउस में रहने वाले इंडियन ऑयल के अधिकारी गौरव यादव को प्रेम जाल में फंसाया। उसने 21 जनवरी 2019 को गौरव से कहा कि वह इंग्लैंड से भारत आ रही है। रास्ते में उसे कस्टम ने पकड़ लिया। ठगों ने युवती का पिता और कस्टम अधिकारी बनकर गौरव से बातचीत की। गौरव ने ठगों के बताए गए खाते में छह लाख 11 हजार 500 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस के अनुसार इसके बाद गौरव की युवती से चेटिंग बंद हो गई। युवती का फेसबुक एकाउंट भी बंद हो गया। उसे शक हुआ तो तुरंत काठगोदाम थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मामले विवेचना उपनिरीक्षक दान सिंह मेहता को सौंपी गई। जांच से पता चला कि दिल्ली में आए नाइजीरियन गिरोह ने दिल्ली के तुगलकाबाद में रहने वाले शाहिद और राशिद को ठेकेदार बनाया है। ठेकेदार जरूरतमंद युवकों से विभिन्न बैंकों में फर्जी आईडी पर खाता खुलवाते हैं। ठगी का पैसा खाते में ट्रांसफर होता है। खाताधारक पैसा निकालते हैं और ठेकेदार उन्हें कुछ पैसा देता हैं।
पुलिस ने पड़ताल की तो बरेली जिले के फरीदपुर ऊंचा मोहल्ला गोटिया निवासी गुलाम साबिर के खाते में भी पैसा ट्रांसफर हुआ है। पुलिस ने पांच फरवरी को उसे गिरफ्तार कर लिया। साबिर से पूछताछ के आधार पर उपनिरीक्षक दान सिंह मेहता के साथ सिपाही मनोज तिवारी, महताब राणा गुणवंत सिंह, गिरीश भट्ट की टीम ने दिल्ली के तुगलकाबाद में छापा मारकर पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों में बरेली जिले के ऊंचा मोहल्ला फरीदपुर के मूल निवासी सलमान, बरेली जिले के शीशगढ़ मीरगंज निवासी नदीम, फरीदपुर निवासी फरीदपुर मोहल्ला ऊंचा निवासी अशफाक, बरेली जिले ऊंचावृद फरीदपुर निवासी वसीम, मोहल्ला ऊंचा फरीदपुर निवासी शादाब शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह के पांच युवक गिरफ्तार
विदेशी युवती के जरिये नाइजीरियन गिरोह ने फैलाया है जाल
हल्द्वानी में इंडियन ऑयल के अफसर को प्रेमजाल में फंसाकर ठगे थे छह लाख 11 हजार रुपये
43 एटीएम कार्ड, 27 पासबुक, 35 चेकबुक, 21 सिम और 16 मोबाइल बरामद
कस्टम आफिसर बन गए ठग
हल्द्वानी। इंडियन ऑयल के अधिकारी को फंसाने के लिए एक ठग कस्टम आफिसर और दूसरा युवती का पिता बन गया। दोनों से युवती ने बात कराई तो निजी कंपनी के अधिकारी को विश्वास हो गया कि युवती कस्टम के चंगुल में फंस गई है। पैसा निकलने के बाद जब इंडियन ऑयल अधिकारी ने ईमेल और सोशल मीडिया में जांच किया तो सब कुछ गायब हो गया था। बात करने वाले नंबर इंग्लैंड के बताए जा रहे हैं।
ऐसे होता है कि ठगी का खेल
हल्द्वानी। विवेचक दान सिंह मेहता ने बताया कि विदेशी बाला किसी धनाढ्य को फंसाती हैं। गिरफ्तार सलमान ने बताया कि गिरोह से जुड़े लोग सुबह एटीएम जाकर सौ या पांच सौ रुपये खाते से निकालकर चेक करते हैं। पैसा आने पर तत्काल 40 हजार रुपये कैश निकाल लिया जाता है। बाकी पैसों की ऑनलाइन खरीद और बिक्री के माध्यम से पैसा खाते से साफ कर दिया जाता है। नगदी पैसा को वसूलने के लिए नाइजीनियन के ठेकेदार राशिद और शाहिद आते हैं। ठेकेदार 90 फीसदी पैसा वसूल लेते हैं।
अंतरराष्ट्रीय चोर सरगना को लाने के लिए मिला वारंट बी
ठंडी सड़क स्थित मोबाइल शोरूम से लाखों के मोबाइल सेट चोरी का है आरोपी
हल्द्वानी। वांटेड अंतरराष्ट्रीय चोर गिरोह के सरगना को राजस्थान से लाने के लिए अदालत ने वारंट बी जारी कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को लाने के लिए वारंट जयपुर जेल में दाखिल किया जाएगा। जयपुर अदालत का आदेश मिलने पर उसे यहां लाया जाएगा। आरोपी के खिलाफ ठंडी सड़क स्थित मोबाइल शोरूम से लाखों के मोबाइल सेट चोरी करने का आरोप है।
31 जनवरी 2018 को ठंडी सड़क स्थित मोबाइल शोरूम का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों के मोबाइल सेट चोरी किए थे। इस मामले में शोरूम मालिक ने कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने कुछ दिनों बाद एक आरोपी अनवर को बिहार से गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। पुलिस की छानबीन से पता चला कि घटना में गिरोह का सरगना समीर साह उर्फ चैला, चेलवा उर्फ सनम बिहार के मोतिहारी पकईटोला घोड़ासन का रहने वाला है। गिरोह के सदस्य मोबाइल शोरूम से चोरियां कर पूरा माल नेपाल में बेच देते हैं। पुलिस जब छापा मारती है तो वह नेपाल भाग जाते हैं। यह गिरोह कर्नाटक, बंगलूरू, मध्यप्रदेश, राजस्थान दिल्ली, यूपी सहित कई प्रांतों में चोरी कर चुका है। नैनीताल पुलिस ने सरगना को गिरफ्तार करने के लिए एक माह तक मोतिहारी में डेरा डाला था लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। नैनीताल पुलिस की एक टीम सरगना की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने पर राजस्थान भी गई थी। इस मामले में भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी ने अभियुक्त को लाने के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। अदालत ने वारंट बी जारी कर दिया है।