फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला जेल के कैदी की अस्पताल में मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी लक्ष्मी दत्त भट्ट की एसटीएच में इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई। परिजनों ने जेल और अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

शास्त्रीनगर कालिका मंदिर बिंदुखत्ता निवासी लक्ष्मी दत्त भट्ट (58) को लालकुआं पुलिस ने धारा 354 (क) 506, 323, 9/10 पाक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। उस पर छेड़खानी का आरोप था। वह एक जुलाई 2017 से जेल में बंद था। तबियत खराब होने पर उसे 27 अगस्त को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार की सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बंदी की पत्नी सरस्वती देवी रविवार की रात 11 बजे अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पति का शरीर ठंडा पड़ गया था। पति हार्निया रोग से पीड़ित थे लेकिन मजदूरी करते थे। जेल प्रशासन ने परिजनों को बताया कि तबियत खराब होने पर उसका पहले भी इलाज कराया गया था। उधर, भाजपा नेत्री भावना भट्ट ने आरोप लगाया कि मौत के मामले में जेल और अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही बरती है। बातचीत के दौरान जेलर भी कुछ स्पष्ट बता नहीं रहे हैं। पत्नी सरस्वती भी जेल प्रशासन के जवाब से संतुष्ट नहीं है।

दोनों बेटों ने छोड़ दिया घर
विचाराधीन बंदी लक्ष्मी दत्त भट्ट की पत्नी सरस्वती देवी का कहना है कि उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो गई है। छोटी बेटी हाइस्कूल मेें पढ़ती है। वह मजदूरी कर घर चला रही है। सरस्वती के अनुसार छोटा बेटा ललित भट्ट (26) तीन साल पहले घर छोड़ कर चला गया था। बड़ा बेटा गौरव भट्ट (28) एक साल पहले घर छोड़कर लापता हो गया। दोनों की काफी खोजबीन की लेकिन उनका पता नहीं चल सका। पति की मौत से वह टूट गई है। भाजपा नेत्री भावना भट्ट परिवार की मदद के लिए आगे आई हैं।
विज्ञापन



मरीज के दोनों फेफड़े बुरी तरह से खराब हो चुके थे। उसे निमोनिया था और किडनी में भी गंभीर चोटें थीं। उसकी हालत बहुत खराब थी। उसे मेडिसिन आईसीयू में वेंटीलेटर पर रखा गया था। सोमवार को दोपहर लगभग डेढ़ बजे उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन

डॉ. एके पांडे, एमएस, सुशीला तिवारी अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें