हल्द्वानी। बिजली विभाग की लापरवाही से बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। कर्मचारियों ने शट डाउन के बाद भी बिजली चालू कर दी इससे पोल पर चढ़कर काम कर रहा युवक चपेट में आ गया। करंट लगने से वह झुलस गया। आनन-फानन में उसे सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया। अब बिजली विभाग के अफसर यह नहीं बता पा रहे हैं कि शट डाउन के बाद भी बिजली कैसे चालू कर दी गई। रामपुर रोड पर पर्वतीय मोहल्ले के पास बिजली विभाग की आरएपीडीआरपी योजना के तहत एयर बंच केबल डालने का काम चल रहा था। परियोजना विभाग के अधिशासी अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि पर्वतीय मोहल्ले में एबीसी केबल डालने का काम छूट गया था। जीनस पावर कंपनी के ठेकेदार का आदमी काम कर रहा था। कंपनी के सुपरवाइजर शीतल प्रसाद ने शाम को पांच बजे से छह बजे तक एक घंटे का शटडाउन मांगा था। अंशुल (20) पोल पर चढ़कर काम कर रहा था कि अचानक एलटी (लो टेंशन लाइन) पर करंट आ गया। उन्होंने बताया कि काम दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे से चल रहा था। उन्होंने कहा कि शटडाउन लेने के बाद करंट लाइन में कैसे आया ये जांच का विषय है। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।
दूसरी ओर एसडीओ कालाढूंगी उपकेंद्र केके पंत ने बताया कि शटडाउन वापस नहीं किया गया था और रामपुर रोड फीडर बंद था। इस बात की जांच कराई जाएगी कि करंट कैसे आया। पंत का कहना था कि जेनरेटर चलने के कारण लाइन में बैक करंट आने की वजह से ऐसा हुआ होगा। उन्होंने बताया कि अंशुल 60 प्रतिशत झुलसा है और उसकी हालत स्थिर है। बताया जा रहा है कि रितेश को भी हल्का करंट लगा था। लाइन से दूर होने के कारण रितेश चपेट में आने से बच गया।