हल्द्वानी। बेखौफ लकड़ी तस्करों ने रविवार रात बरहैनी के जंगलों में गश्त कर रही वन विभाग की टीम पर कई राउंड फायरिंग कर दी। इससे बीट वाचर घायल हो गया। हालांकि वन कर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की मगर तस्कर भाग निकले। घायल वाचर को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में दो नामजद और एक अज्ञात तस्कर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के पीपल पड़ाव रेंजर आरएन गौतम को रविवार रात 11 बजे बरहैनी के पास थापा नगला गांव से सागौन और खैर के पेड़ काटे जाने की सूचना मिली थी। उन्होंने रेंज में अलर्ट जारी कर वन आरक्षी मोहन शर्मा की अगुवाई में कलक्टर सिंह, मीता सिंह और पंकज सिंह को गांव की मुख्य सड़कों पर गश्त के लिए भेजा। करीब 11.30 से 11.45 बजे के बीच टीम जब पड़किया नाले के पास वन चौकी पहुंची तो दो बाइकों में तीन लोग आते दिखाई दिए। बाइक में सागौन का एक गिल्टा भी रखा था। टीम के साथ कुत्ते को देखकर एक तस्कर ने 315 बोर के तमंचे से फायर झोंक दिया। फायरिंग होने पर वन विभाग की टीम हरकत में आई और जवाबी फायरिंग की गई। दोनों ओर से 10 राउंड गोलियां दागी गई। तस्करों की एक गोली फायर बीट वाचर पंकज सिंह निवासी पीपल पड़ाव के पेट में लग गई। उसके चीखने पर हमलावर बाइक और गिल्टा मौके पर ही छोड़कर पैदल भाग निकले। आरक्षी मोहन शर्मा ने साथियों की मदद से घायल पंकज को नगला चौकी पहुंचाया बाद में रुद्रपुर जिला अस्पताल ले गए। जहां से सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। देर रात उसका ऑपरेशन किया गया। हालांकि पेट से गोली नहीं निकाली जा सकी है। पुलिस ने तस्कर गेजी सिंह और संगी सिंह निवासी थापा नगला ऊधमसिंह नगर और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
टीम के जाते ही गिल्टा और बाइक ले गए तस्कर
वन विभाग की टीम घायल को बचाने की कोशिश में तस्करों की बाइक और गिल्टे को भूल गई। तस्करों ने इसका फायदा उठाया। टीम के जाते ही वेअपनी बाइक और गिल्टा उठा ले गए। टीम दोबारा मौके पर पहुंची तो उसे कुछ नहीं मिला।
गेजी पर दर्ज हैं हत्या के प्रयास के दो मामले
गेजी सिंह वन्य संपदा की तस्करी में पहले भी शामिल रहा है। वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम के मुताबिक गेजी पर वन कर्मियों पर जानलेवा हमला करने के आरोप में दो-दो मुकदमे दर्ज हैं।