रामनगर (नैनीताल)। रामनगर-हल्द्वानी बाईपास के लिए कोसी नदी पर बन रहे पुल के प्रोजेक्ट मैनेजर अवैध खनन के आरोप में फंस गए। सोमवार रात वन विभाग की टीम ने छापा मारकर जेसीबी सहित चार डंपर पकड़कर सीज कर दिए, जबकि डंपर चालक एवं अन्य लोग वन विभाग की टीम को देखकर मौके से फरार हो गए। इससे पहले भी डीएफओ ने खुद छापा मारकर अवैध खनन करते हुए एक जेसीबी को पकड़ा था। बार-बार हिदायत देने के बाद भी कंपनी की ओर खनन किया जा रहा है, ऐसे में विभाग ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है।
कोसी बैराज के 2 किलोमीटर एरिया में खनन प्रतिबंधित है, इसके बावजूद कोसी नदी में खनन किया जा रहा है। कोसी नदी पर पुल बनाया गया जा रहा है, इसका जिम्मा वशिष्ठा कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास है, यह कंपनी भी नदी से खनन कर रही है। पुल बनाने के लिए आरबीएम को जेसीबी के जरिये नदी से निकाला जा रहा है। वहीं, पुल के पास खनन करने की सूचना पर एक माह पहले डीएफओ रामनगर वन प्रभाग ने खुद मौके पर पहुंचकर एक जेसीबी को पकड़ा था और कंपनी के अधिकारियों को हिदायत दी थी कि यहां पर खनन न करें, लेकिन फिर भी खनन जारी था।
सोमवार रात कोसी रेंज के रेंजर भगवत प्रसाद पंत को सूचना मिली कि नदी में खनन हो रहा है। सूचना के लगभग दो घंटे बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखकर अवैध खनन कर रहे डंपर चालकों ने भागने का प्रयास किया तो वन कर्मियों ने बंदूक दिखाकर रोका, लेकिन चालक कूदकर फरार हो गए। टीम ने मौके से चार डंपर, एक जेसीबी और एक पोकलैंड मशीन अवैध खनन करते हुए पकड़ी। इन सभी को वन विभाग ने कब्जे में लेकर सीज कर दिया। कोसी रेंज के रेंजर ने बताया कि तीन डंपर वशिष्ठा कंस्ट्रक्शन कंपनी के है, जबकि एक डंपर गुडविल कंपनी का है।
इसके अलावा एक जेसीबी को पकड़ा है, सभी को सीज किया गया है। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्रा के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कंपनी उस स्थान से खनन कर रही है, जहां पर पुल का निर्माण हो रहा है। ऐसे में नदी में पुल कितना टिकाऊ होगा, यह कहना मुश्किल है।