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फुफेरा भाई ही निकला मनोज की जान लेने वाला

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हल्द्वानी। हीरानगर में घर में घुसकर चाय विक्रेता मनोज कश्यप की जान लेने वाला उसकी बुआ का बेटा आशीष ही निकला। उसने संपत्ति विवाद में बहस होने पर मनोज की गला कसकर जान ली थी। वह उसका पर्स भी लूट ले गया था। पुलिस ने बुधवार को उसे एफटीआई चौराहे के पास गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 2950 रुपये और आधार कार्ड बरामद हुआ है।
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एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने पत्रकारों को बताया कि हीरानगर निवासी उमेश कश्यप ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके छोटे भाई मनोज कुमार कश्यप की नौ सिंतबर की रात गला कसकर हत्या की गई थी। इस मामले में उसने अपने बुआ के बेटे आशीष कश्यप के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सीसीटीवी देखने के बाद पाया कि आशीष अंदर घुसा था। बाहर निकलते समय उसने सीसीटीवी के तारों को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया था। इसी आधार पर पुलिस की टीमों ने आरोपी की तलाश करने के लिए बरेली, पीलीभीत, गाजियाबाद, दिल्ली आदि स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने एफटीआई चौराहे के पास बुधवार को उसे धर दबोचा। आशीष कश्यप पुत्र राम किशोर कश्यप बरेली जिले के राजेंद्रनगर प्रेमनगर का रहने वाला है।

आशीष ने बताया कि नल बाजार की दुकान और मकान को लेकर मनोज और उसके चाचाओं के बीच मुकदमा चल रहा है। मनोज का कहना था कि संपत्ति में उसका कोई हिस्सा नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया और शराब के नशे में होने के कारण उसने मारपीट के बाद रस्सी से मनोज की गला कसकर हत्या कर दी। घटना के बाद उसने किसी को नहीं बताया था। वह रुद्रपुर की तरफ जाने वाली बस पकड़कर भाग निकला। इसके बाद वह दिल्ली चला गया। हल्द्वानी लौटते समय पुलिस ने पकड़ लिया।
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भाई से विवाद होने पर टनकपुर में रहता था आशीष
हल्द्वानी। आशीष कश्यप दर्जा सात तक पढ़ा है। उसने बताया कि रोजगार की तलाश में कुछ समय पहले वह गाजियाबाद भाई के पास गया था। वहां कुछ दिन एक कोल्ड ड्रिक्स कंपनी में काम किया। इस बीच उसका भाई से विवाद हो गया और वह गाजियाबाद छोड़कर टनकपुर में जीजा के घर रहने लगा। कुछ दिनों तक उसने जीजा के काम में अपना हाथ बंटाया था। हत्या के दो दिन पहले आशीष टनकपुर से अपने दोस्त शनि के साथ मनोज के घर आया था। आशीष के अनुसार हत्या की बात उसने अपने दोस्त को भी नहीं बताई थी। पुलिस के अनुसार आशीष तक पहुंचने के लिए उसके करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। इसी आधार पर वह हत्थे चढ़ सका। गिरफ्तार करने वाली टीम में हीरानगर चौकी प्रभारी निर्मल लटवाल, त्रिभुवन जोशी, पंचानन मंडल, प्रमोद भट्ट, चंदर सिंह और चंदन नेगी शामिल थे।
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संपत्ति विवाद में बहस होने पर गला कसकर की थी हत्या, पर्स भी ले गया था, 2950 रुपये बरामद
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