हल्द्वानी। सूदखोरों से परेशान युवक ने बृहस्पतिवार की रात गौला बैराज में कूदकर जान दे दी। युवक के हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। मौके से कागज के कुछ टुकड़े, पेन, स्कूटी और हेलमेट भी बरामद हुआ है। परिजनों ने सूदखोरों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात सामने आई है। शरीर पर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। कागज में लिखे गए नामों के आधार पर पुलिस ने महिला सहित दो लोगों को हिरासत में लिया है।
शुक्रवार सुबह गौला बैराज पर चौकीदार ने नदी में युवक का शव उतराता देखा तो उसने इसकी सूचना काठगोदाम पुलिस को दी। सूचना पर थानाध्यक्ष कमाल हसन, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव मौके पर पहुंच गए। युवक की कमर में रस्सी बंधी थी। यह रस्सी बैराज के किनारे स्थित पाइप से बांधी थी। युवक के हाथ-पैर भी बंधे थे, जबकि स्कूटी सड़क किनारे खड़ी थी। पुलिस ने रस्सी हटाकर शव को बाहर निकाला। युवक की जेब से 130 रुपये मिले। स्कूटी के नंबर के आधार पर युवक की पहचान कुमाऊं कॉलोनी दमुवाढूंगा निवासी महेश चंद्र (35) पुत्र स्व. बसंत लाल के रूप में हुई। कागज के टुकड़ों को जोड़ने पर पता चला कि महेश ने बृहस्पतिवार को मुकेश और एक महिला को पैसे दिए थे।
पुलिस ने फोन कर परिजनों को बुला लिया। उन्होंने बताया कि महेश लाइट फिटिंग की दुकान करता था। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े दस बजे उसके मोबाइल पर किसी की कॉल आई। बातचीत करने के बाद वह स्कूटी लेकर निकल गया। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर पत्नी नीतू और मां सावित्री परेशान हो गईं। चाचा सुरेश चंद्र ने बताया कि महेश की चार बेटियां और दो साल का एक बेटा है। आरोप लगाया कि महेश सूदखोरों से काफी परेशान था। पत्नी नीतू आंगनबाड़ी में कार्यरत है। उधर, पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने सूदखोरों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। थानाध्यक्ष कमाल हसन और पूर्व ग्राम प्रधान महेश जोशी के समझाने पर ग्रामीण माने।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, पोस्टमार्टम हाउस में किया हंगामा
कमर और हाथ-पैर में बंधी थी रस्सी, मौके से कागज के टुकड़े, पेन और स्कूटी बरामद
कागज में लिखे गए नामों के आधार पर पुलिस ने महिला समेत दो को हिरासत में लिया
जिले में सूदखोरों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। ताजा मामला सामने आने के बाद अब पुलिस अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी ताकि गरीबों को परेशान करने वालों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
-जन्मेजय खंडूरी, एसएसपी नैनीताल