रानीखेत (अल्मोड़ा)। सौनी में 15 वर्षीय किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अबूझ पहेली बनी हुई है। पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। ब्लाइंड केस को सुलझाने के लिए पुलिस जल्दबाजी में नहीं दिख रही है, वह हर एंगल से पुख्ता सुबूत एकत्रित करने में जुटी हुई है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस मृतक के परिजनों के साथ ही अब रिश्तेदारों से भी गहनता से मामले की पूछताछ में जुटी है। अब तक दर्जनभर से अधिक लोगों से मामले को लेकर पूछताछ हो चुकी है, पुलिस के अनुसार फिलहाल ठोस सुराग हाथ नहीं लगे हैं।
12 जुलाई तड़के सौनी निवासी तारा सिंह का 15 वर्षीय पुत्र दिनेश सिंह बिष्ट मार्निंग वॉक पर निकला था। घर से दो सौ मीटर दूर दिनेश झुलसी हालत में सड़क से 15 फुट नीचे मिला। दिनेश ने पुलिस को दिए बयानों में कहा था कि दो अज्ञात लोग आए और एक ने पेट्रोल छिड़का और दूसरे ने उस पर आग लगा दी।
इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां पड़ताल की तो घटना स्थल से ठीक ऊपर प्राइमरी स्कूल के खंडहर के बाहर उन्हें दिनेश की चप्पलें और मिट्टी के तेल की बोतल बरामद हुई। इसके बाद परिजनों की तरफ से अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया, कोतवाल नारायण सिंह मामले की जांच में जुटे हैं। इस बीच पुलिस पिता तारा सिंह और सौतेली मां भावना बिष्ट से कई बार पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार अब रिश्तेदारों से मामले को लेकर गहनता से पूछताछ चल रही है।