नैनीताल। पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाला पंगोट क्षेत्र आज भी उपेक्षित है। यहां वर्ष भर लाखों पर्यटक घूमने पहुंचते हैं लेकिन उसके बाद भी यहां मार्ग बदहाल है। 13 किलोमीटर के मार्ग पर कई स्थानों पर दरार आ गई है और कई स्थानों पर धंसाव भी हुआ है, लेकिन विभाग इसका उपचार नहीं कर पाया है जिसके कारण बारिश के दौरान यह मार्ग खतरे से खाली नहीं है।
बता दें कि नैनीताल से पंगोट मार्ग की लंबाई लगभग 13 किलोमीटर है। इस सड़क से लगभग एक दर्जन से ज्यादा गांव जुड़े हैं। गांव के लोग इस मार्ग से नैनीताल तक दूध व सब्जियां लाते हैं। वहीं पंगोट क्षेत्र में प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने पहुंचते हैं। मगर बीते लंबे समय से बारापत्थर से पंगोट मार्ग को मरम्मत की दरकार है। मार्ग संकरा है, साथ ही कई जगह भू धंसाव हो रहा है। बारापत्थर से पंगोट तक सड़क में कई जगह पर दरारें भी हैं जिसके चलते बारिश के समय मार्ग के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। कई बार पंगोट समेत अन्य गांव के लोग प्रशासन व विभाग से सड़क की मरम्मत की मांग कर चुके हैं। लेकिन अब तक सड़क को स्थाई उपचार नहीं मिल पाया है। वहीं लोनिवि के सहायक लक्षमण राम ने बताया कि बारापत्थर से पंगोट तक सड़क पर कई स्थानों पर दरारें उभरी हैं, जिसमें तीन किमी डामरीकरण कर दिया गया है। वहीं शेष सड़क में डामरीकरण करने के लिए टेंडर लगाए गए हैं। बरसात के बाद सड़क में डामरीकरण किया जा सकता है।