सड़क सुरक्षा के लिए रफ्तार पर लगाम कसने को पुलिस और परिवहन विभाग ने कार्रवाई का शिकंजा तो कसा, लेकिन हादसों का पहिया थमने के बजाय और तेज घूमता रहा। साल 2025 में प्रदेश में 1,289 सड़क हादसे हुए थे। इस साल अगस्त तक ही 1,480 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। एक साल में हादसों में 28.10 फीसदी का इजाफा हुआ। इसी अवधि में घायलों की संख्या भी 13.2 फीसदी बढ़ी जबकि मौतें 881 से बढ़कर 884 हो गईं। चंपावत में हादसों का ग्राफ सबसे तेजी से चढ़ा जहां 117.6 फीसदी बढ़ोतरी हुई जबकि रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में क्रमश: 19.2 और 14.8 फीसदी की गिरावट राहत की बात है। खास बात यह है कि ओवरस्पीडिंग पर पुलिस कार्रवाई भी 2025 के 19,355 मामलों से बढ़कर 2026 में 29,214 हो गई फिर भी हादसों की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लग सका।
क्रैश बैरियर की ढाल अधूरी
राज्य में कुल 15,122.85 किमी सड़क पर 8,422.78 किमी को क्रैश बैरियर के लिए चिह्नित किया गया था। इनमें 5,714.96 किमी पर काम पूरा हुआ है लेकिन 2,707.82 किमी अभी बाकी है।
419 हॉट स्पॉट भी मुसीबत
रिपोर्ट के अनुसार 2,559 संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें 2,140 स्थानों पर मरम्मत हो चुकी है। 419 स्थानों पर काम हुआ ही नहीं है। वहीं 179 ब्लैक स्पॉट में से 10 का सुधार कराना बाकी है।
जिला-वार आंकड़ा हादसे
जिला- 2025 2026 स्थिति
चंपावत : 17 : 37 : +117.6%
बागेश्वर : 8 : 12: +50.0%
अल्मोड़ा : 18 : 27 : +50.0%
टिहरी : 43 : 61 : +41.9%
पौड़ी : 27: 37 : +37.0%
चमोली : 30 : 41 : +36.7%
ऊधमसिंह नगर : 295 : 356 : +20.7%
उत्तरकाशी : 15 : 18 : +20.0%
हरिद्वार : 280 : 312 : +11.4%
नैनीताल : 200 : 220 : +10.0%
देहरादून : 303 : 315 : +4.0%
पिथौरागढ़ : 27 : 23 : -14.8%
रुद्रप्रयाग : 26: 21: -19.2%
संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना हेलमेट पेट्रोल पर पाबंदी जैसे नियम लागू करने की बात भी कही गई है। क्रैश बैरियर और गड्ढों के कार्यों को जल्द ठीक कराया जाएगा।
शैलेश कुमार तिवारी, उप परिवहन आयुक्त, उत्तराखंड