हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू के अपने पद का दुरुपयोग करने और आपराधिक मामलों की जांच प्रभावित करने के संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए 22 अप्रैल की तिथि नियत की है। याचिकाकर्ता ने डीजीपी को पद से हटाने और उनसे जुड़े मामले की सीबीआई या एसआईटी से जांच कराने की मांग की थी।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी रविंद्र जुगरान ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। याची का कहना था कि वन भूमि पर अतिक्रमण कर पेड़ों का कटान किया जा रहा है तथा आपराधिक मामलों की जांच को प्रभावित किया जा रहा है।
याची का कहना था कि इन तथ्यों को स्वयं तत्कालीन मुख्य सचिव ने अपने शपथपत्र में स्वीकार किया है। याचिकाकर्ता की ओर से पुलिस महानिदेशक को पद से हटाने और इसकी सीबीआई या एसआईटी से जांच करने की मांग की गई।