हल्द्वानी। धार्मिक उन्माद, मारपीट और गालीगलौज समेत कई मुकदमे दर्ज होने के बाद भाजपा पार्षद तन्मय रावत की गिरफ्तारी से सोमवार को भाजपाइयों का पारा चढ़ गया। उन्होंने मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला की अगुवाई में कोतवाल संजय कुमार को हटाने की मांग को लेकर कोतवाली में करीब साढ़े दस घंटे तक हंगामा किया और धरने में बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने जाम लगाने की कोशिश भी की।
एसएसपी और सिटी मजिस्ट्रेट देर रात मनाते रहे मगर प्रदर्शनकारी अड़े रहे। रात एक बजकर 40 मिनट पर यह आश्वासन दिया गया कि कोतवाल संजय कुमार को पांच दिन के लिए एसएसपी ऑफिस से अटैच किया जाएगा और उनकी भूमिका की जांच होगी, तभी मेयर माने। बाद में पार्षद को भी रिहा कर दिया गया।
सोमवार को दोपहर बाद 3:15 बजे एसओजी भाजपा पार्षद तन्मय रावत को गिरफ्तार कर कोतवाली ले आई। इसकी जानकारी होने पर मेयर जोगेंद्र रौतेला भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पार्षद को रिहा करने की मांग की और कोतवाल पर भाजपा को बदनाम करने का आरोप लगाया। उधर दायित्वधारी तरुण बंसल भी कोतवाली पहुंच गए। मेयर और कार्यकर्ताओं की कोतवाल संजय कुमार से जमकर बहस हुई। इसके बाद मेयर धरने पर बैठ गए। इधर, पुलिस और प्रशासन के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। इससे जाम लगने लगा। अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र और सीओ भूपेंद्र सिंह धौनी ने किसी उन्हें वहां से उठवाया।
रात 9:30 बजे एसएसपी आवास में सिटी मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ सहित आला अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों ने एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी के सामने पूरा घटनाक्रम रखा। बैठक के बाद सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने मेयर के सामने अपनी बात रखी। 9:45 बजे एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी मेयर से वार्ता के लिए पहुंचीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी लेकिन मेयर जोगेंद्र रौतेला कोतवाली की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद एसएसपी कार्यालय में चली गईं। इसके बाद फिर मनवाने का दौर चला।
इस मौके पर दायित्वधारी तरुण बंसल, अजय राजोर, अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब, पार्षद मनोज जोशी, हरिमोहन अरोड़ा, मधुकर श्रोत्रीय, भाजपा जिला किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमल जोशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष आनंद दरमवाल, पार्षद प्रमोद तोलिया, भाजयुमो जिलाध्यक्ष योगेश रजवार, भाजयुमो प्रदेश महामंत्री रंजन बरगली आदि मौजूद रहे।
टाइम लाइन
3:15 बजे: एसओजी ने पार्षद तन्मय रावत को पकड़ा
3:30 बजे: पार्षद को कोतवाली लाया गया
3:40 बजे: मेयर जोगेंद्र रौतेला भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचे
3:56 बजे: दायित्व धारी तरुण बंसल भी कोतवाली पहुंचे
4:00 बजे: मेयर जोगेंद्र रौतेला और भाजपा कार्यकर्ताओं की कोतवाल से जमकर बहस
4:25 बजे: कोतवाली में मेयर और भाजपा कार्यकर्ता कोतवाल हटाने की मांग पर अड़े, प्रदर्शन किया
4:30 बजे: अपर पुलिस अधीक्षक और सीओ ने भाजपा कार्यकर्ताओं को मनाने का किया प्रयास
4:45 बजे: मेयर जोगेंद्र रौतेला और भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुरू किया धरना
5:00 बजे: भाजपा समर्थित पार्षद समर्थन देने पहुंचे
7:55 बजे: भाजपा कार्यकर्ताओं ने जाम लगाया।
8:06 बजे: अपर पुलिस अधीक्षक और तरुण बंसल ने कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर जाम खुलवाया
8:17 बजे: सिटी मजिस्ट्रेट धरना स्थल पर पहुंचे
8:20 बजे: निर्दलीय पार्षदों ने बैठक शुरू की।
8:30 बजे: सिटी मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक सहित आला अधिकारियों ने बैठक की।
9:30 बजे: एसएसपी आवास में अधिकारियों की बैठक
9:37 बजे: रजाई गद्दे लेकर भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे
9.45 बजे: एसएसपी धरना स्थल पर मेयर से वार्ता के लिए पहुंची।
10 बजे: मेयर नहीं माने, एसएसपी लौटीं।
12 बजे: सिटी मजिस्ट्रेट फिर वार्ता को पहुंचे मगर कुछ नहीं हुआ।
1.40 मिनट पर कोतवाल के अटेचमेंट के आश्वासन के बाद धरना खत्म हुआ।
भाजपा कार्यकर्ताओं के आरोप
-भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कोतवाल संजय कुमार जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाने पर ले रहे हैं। वह भाजपा को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
-यह भी आरोप लगाया कि पूरी एसओजी को पार्षद तन्मय रावत के पीछे लगा दिया गया। पार्षद के घर जाकर परिजनों को डराया और धमकाया गया।
-उनके साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है जैसे वह अपराधी हों।
-कोतवाल ने एक पक्षीय कार्रवाई की है।
- यह भी आरोप लगाया कि पार्षद तन्मय रावत जजी कोर्ट में सरेंडर करने जा रहे थे। एसओजी ने उसे जजी कोर्ट से पकड़ लिया।
भाजपा की मांगें
- भाजपा पार्षद तन्मय रावत को तुरंत रिहा किया जाए।
- कोतवाल को तुरंत हटाया जाए।
- एसओजी की टीम को बदला जाए।
ये था मामला
हल्द्वानी। भाजपा पार्षद तन्मय रावत पर आरोप लगा था कि उन्होंने चार फरवरी की रात रोडवेज स्टेशन के पास दिल्ली बिरयानी रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ की थी। इसके बाद बनभूलपुरा क्षेत्र के पार्षद और जनप्रतिनिधियों ने कोतवाली का घेराव किया था। रेस्टोरेंट मालिक की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने पार्षद के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने, मारपीट, गालीगलौज सहित कई धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। तब से पार्षद तन्मय रावत फरार चल रहे थे।
विपक्ष ने मेयर पर लगाया पक्षपात का आरोप
मेयर शहर के प्रथम नागरिक हैं, उनके लिए सभी धर्म-जाति बराबर है लेकिन वे एक पक्ष के साथ खड़े होकर सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस को कार्रवाई करने से रोका जा रहा है।
मो. गुफरान, पार्षद
भाजपा पार्षद तन्मय रावत की गिरफ्तारी पर भाजपा नेताओं का कोतवाली का घेराव करना, भाजपा की कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। मेयर जोगेंद्र रौतेला को एक पक्ष में खड़ा नहीं होना चाहिए।
-रवि जोशी, पार्षद
बड़े शर्म की बात है मेयर ही अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं। यह भाजपा का असली चेहरा दिखाता है। मेयर का धरने पर बैठना निंदनीय है। मेयर को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
-शुएब अहमद, महासचिव सपा
मेयर साहब के पड़ोसी, भाजपा और संघ से जुड़े कार्यकर्ता भुप्पी पांडे को लगातार धमकियां मिलने के बाद दिनदहाड़े गोलियां से भून डाला गया। इसके बाद मेयर और भाजपा के लोगों ने लचर कानून व्यवस्था के खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं किया और न ही कोतवाली पहुंचे। आज अपनी ही सरकार की कानून व्यवस्था पर दबाव बनाना सोचनीय है।
-सुमित हृदयेश, एआईसीसी सदस्य
अगर भाजपाई कानून का मखौल उड़ाते हैं तो आप इसको आंदोलन का हिस्सा बनाएगी और जनता के सामने भाजपा का चेहरा उजागर करेगी। कोतवाली का घेराव करना भाजपा की कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।
-समित टिक्कू, प्रदेश प्रवक्ता आप
मेयर एवं अन्य भाजपा नेता धरना देना हास्यास्पद है। पुलिस ने पूरी छानबीन के बाद मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी स्वाभाविक है। इस तरह के धरना प्रदर्शन से पुलिस का मनोबल गिरता है और अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। दबाव में अगर किसी का स्थानांतरण होता है तो पुलिस का मनोबल कमजोर पड़ेगा।
-अब्दुल मतीन सिद्दीकी, कांग्रेस नेता
पार्षदों का आरोप, मेयर चल रहे हैं चुनावी चाल
हल्द्वानी। निर्दलीय पार्षदों ने लाइन नंबर आठ में बैठक कर मेयर पर चुनावी चाल चलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हो रही है।
सोमवार रात हुई बैठक में पार्षदों ने कहा कि पार्षद तन्मय रावत पहले से ही ऐसा करते आए हैं। मेयर इस प्रकरण को पार्षद के परिवार के साथ बैठकर सुलझा सकते थे लेकिन पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया गया है। बैठक में पार्षद मो. गुफरान, रवि जोशी, राजेंद्र जीना, इस्लाम मिकरानी, रोहित कुमार, शकील अंसारी, तरन्नुम, शाकिर हुसैन, तौफिक अहमद, इमरान खान, जैबा सलमानी, गुड्डु वारसी, जिशान परवेज, कम्मो रानी आदि मौजूद थे।
पार्षद पर मारपीट के हैं तीन मुकदमे
हल्द्वानी। पार्षद तन्मय रावत के खिलाफ तीन मुकदमे चल रहे हैं। पुलिस के अनुसार तन्मय रावत पर 2014 में मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था। तिकोनिया निवासी जगजीत सिंह ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। अक्तूबर 2020 में रामलीला मोहल्ले में में दो लोगों के साथ दुकान में घुसकर मारपीट का मुकदमा दर्ज है। यह मुकदमा जगदीश चंद्र पांडे ने दर्ज कराया है। तीसरा मुकदमा चार फरवरी को कोतवाली में दर्ज हुआ है।
मेयर का पक्ष
पार्षद तन्मय रावत पर पुलिस ने जो मुकदमे लगाए हैं, उनमें जमानत थाने से ही मिल जाती है। हल्द्वानी कोतवाल ने तन्मय रावत के खिलाफ केस मामले को व्यक्तिगत रूप से लिया है। उन्होंने तन्मय को थाने से जमानत नहीं दी। जब तन्मय कोर्ट में सरेंडर करना चाह रहा था तो एसओजी भेजकर उसे वहां से पकड़कर कोतवाली ले आए। इस बात को लेकर पार्षद गुस्सा हो गए। 31 पार्षदों ने मुझे इस्तीफा सौंप दिया है और मुझे कोतवाली बुलाया गया। हम अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
-जोगेंद्र रौतेला, मेयर
निगम के नेता प्रतिपक्ष ने कहा-हमने भी इस्तीफा दिया
हल्द्वानी। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस समर्थक नरेंद्रजीत सिंह रोडू ने कहा कि उन्होंने मेयर को इस्तीफा सौंप दिया है। जब उनसे इस्तीफे की कापी मांगी गई तो उनकी ओर से इस्तीफे की कापी उपलब्ध नहीं कराई गई। जब उनसे पूछा गया कि आप नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष हैं और आपके साथ वाले बैठक कर मेयर के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। इस पर उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया।