उत्तराखंड शिक्षा परिषद द्वारा 10 अप्रैल से होने जा रहे मूल्यांकन को लेकर व्यवस्थाओं में भारी फेर बदल कर दिया गया है। बोर्ड के अपर सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने बताया कि परीक्षकों एवं अंकेक्षकों की नियुक्ति पूर्णत: बोर्ड कार्यालय ने की है। मूल्यांकन केंद्रों के उप नियंत्रकों को स्पष्ट निर्देश दे दिये गये हैं कि वे मूल्यांकन के शुरूआत में बोर्ड द्वारा दी गयी सूची के आधार पर ही परीक्षकों एवं अंकेक्षकों को नियुक्त करेंगे।
अपने स्तर से कोई भी नियुक्ति नहीं करेंगे। यदि मूल्यांकन शुरू होने के पश्चात किसी प्रकार की जरूरत महसूस हो तो बोर्ड की अनुमति के बाद भी नियुक्तियां की जाएंगी। विगत वर्षों में उप नियंत्रक के स्तर से भी शुरूआत में बड़े पैमाने पर परीक्षकों की नियुक्तियां कर ली जाती थी। अंकेक्षक तो उप नियंत्रक अपनी सुविधानुसार चहेतों को ही नियुक्त करते थे। इसको लेकर कई बार बोर्ड कार्यालय के समक्ष आपत्तियां भी दर्ज होती रही।
मूल्यांकन का कार्य सुबह 10 बजे बजे से 5:30 बजे तक होगा। मूल्यांकन केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। मूल्यांकन कार्य का भुगतान अंतिम दिवस हो जाए इस हेतु मूल्यांकन केंद्रों को बजट जारी कर दिया है। जांची गयी उत्तर पुस्तिकाओं को अगले दिन अंकेक्षित किया जाएगा। अंकेक्षण का कार्य सम, विषम के आधार पर होगा। परीक्षार्थी को दिये गये अंक ओएमआर सीट पर सही से अंकित हों। इसको देखने की विशेष व्यवस्था है। बोर्ड ने पहली बार किसी भी जनपद में कार्यरत परीक्षकों को उसी जनपद में ही परीक्षक नियुक्त करने की व्यवस्था की है। विगत के वर्षों में परीक्षक अपने जनपदों से इतर अन्य जनपदों में भी मूल्यांकन कार्य करते रहे।
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मूल्यांकन कार्य से मुक्त रखने के मिले आवेदन
विद्यालयों में मूल्यांकन कार्य के लिये डाक पहुंचते ही कई शिक्षक शिक्षिकाओं के मूल्यांकन कार्य से मुक्त रखे जाने के आवेदन पत्र भी बोर्ड कार्यालय पहुंचने लगे हैं। लेकिन बोर्ड ने इस पर भी सख्त रूप अख्तियार किया है। हालांकि राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व मंडलीय मंत्री नवेंदु मठपाल के अनुसार इस मुद्दे पर उनकी बोर्ड सचिव आरडी शर्मा से बात हुई है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि मेडिकल प्रकरणों, परीक्षक के उस विषय में अर्ह न होने की स्थिति में परीक्षक कार्य से मुक्त किया जाने पर बोर्ड विचार करेगा।
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एमपी में 22 टेबल लगाई
एमपी इंटर कालेज में विभिन्न विषयों की 22 टेबल लगाई जाएंगी। यह जानकारी उप नियंत्रक डा. दिग्विजय सिंह चौहान ने दी। उसके अनुसार 200 से अधिक परीक्षकों, अंकेक्षकों को इस कार्य के लिये नियुक्त की सूचना दे दी गयी है। मूल्यांकित होने वाली अधिकांश पुस्तिकाएं यहां पहुंच चुकी हैं। अगले दो दिन के भीतर शेष पुस्तिकाएं भी पहुंच जाएंगी।