हल्द्वानी। प्रदेश के दस राजकीय डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य के पद काफी समय से रिक्त चल रहे हैं और नौ कॉलेज संबद्धता के आधार पर प्रभारी प्राचार्य के सहारे चलाए जा रहे हैं। उच्चशिक्षा निदेशालय ने प्राचार्य के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा मगर अब तक डीपीसी ही नहीं हो सकी है।
उच्चशिक्षा निदेशालय की ओर से राज्य में पीजी और डिग्री स्तर के 105 राजकीय डिग्री कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। हर वर्ष नए डिग्री कॉलेज खोले जा रहे मगर व्यवस्थाओं और संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए कोई ठोस योजना तैयार नहीं हो सकी है। एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी, मानिला, पतलोट, सोमेश्वर, भिकियासैंण, नरेंद्रनगर, विधि कॉलेज गोपेश्वर, देवप्रयाग, नैनबाग, कामांध डिग्री कॉलेज में प्राचार्य के पद रिक्त हैं। रामनगर, रानीखेत, कोटाबाग, मुनस्यारी, बिथ्याडी, नारायणबगड़, रुद्रप्रयाग, देवप्रयाग, मरगूबपुर और खानपुर डिग्री कॉलेज संबद्धता के सहारे चल रहे हैं।
उच्चशिक्षा उपनिदेशक डॉ. एनएस बनकोटी ने कहा कि प्राचार्यों के रिक्त पदों को भरे जाने के लिए शासन को पूर्व में प्रस्ताव भेजा जा चुका है। डीपीसी शासन स्तर पर ही होनी है। उसके बाद ही पद भर जा सकेंगे।
उच्चशिक्षा में संबद्धता का खेल जारी
हल्द्वानी। उच्च शिक्षा विभाग में संबद्धता का खेल चल रहा है। संबद्धता आदेशों का आलम यह है कि बिना संबद्धता के मानक बनाए और बिना कार्मिक विभाग को सूचित किए ही निदेशालय द्वारा अपने आदेशों में उच्च स्तरीय मौखिक आदेश का हवाला देकर अनिश्चितकालीन संबद्धता की जा रही हैं। हाल यह हैं कि प्राचार्य की भी संबद्धता की जा रही है। रामनगर, रानीखेत, मुनस्यारी, बिथ्याडी, रुद्रप्रयाग, देवप्रयाग, मरगूबपुर, खानपुर, यहां तक कि उपनिदेशक और सहायक निदेशक भी संबद्ध किए गए हैं।