नैनीताल। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जारी गाइड लाइन के बाद जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। अब नैनीताल के एंट्री प्वाइंट पर पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग और रैंडम जांच की जाएगी। बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए 72 घंटे के भीतर कराई गई आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था पहली अप्रैल से शुरू होगी।
बीडी पांडे अस्पताल के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि कोरोना जांच के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। एक टीम बारा पत्थर चुंगी और एक टीम तल्लीताल चुंगी पर मौजूद रहेगी। जहां से पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें शहर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा रैंडम कोरोना जांच की जाएगी। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से नैनीताल जिले में आने वालों के लिए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। इन राज्यों से आने वाले व्यक्तियों को बिना निगेटिव रिपोर्ट दिखाए जिले में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। किसी भी माध्यम (सड़क, रेल एवं वायु मार्ग) से आने वाले व्यक्तियों पर यह नियम लागू होंगे। यह भी कहा कि मुख्य सचिव और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की ओर से कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए जारी सभी दिशा-निर्देश जिले में पहली अप्रैल से यथावत लागू रहेंगे।