लंबित भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदारों ने भीख मांग कर प्रदर्शन किया। उन्होंने भीख से एकत्र हुए पैसे मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने की बात कही। चेतावनी दी कि भुगतान नहीं होने पर कोई ठेकेदार गलत कदम उठाता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
सोमवार को कांट्रेक्टर हैल्प एसोसिएशन के बैनर तले ठेकेदार लोक निर्माण विभाग के परिसर में एकत्र हुए। उन्होंने लोनिवि, जलसंस्थान सहित कई कार्यालयों में जाकर भीख मांगी। ठेकेदारों ने सभा करते हुए कहा कि सरकार ने उनका करोड़ों रुपये का भुगतान नहीं किया है। भुगतान नहीं होने से वे बैंक की किस्त जमा नहीं कर पा रहे हैं। बैंक का ब्याज का बोझ भी उन पर पड़ रहा है। अब बैंकों के नोटिस भी आने लग गए हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान की मांग करने पर सरकार की ओर से उन पर लाठियां बरसाई गई। कहा कि भीख से आए पैसों को वह मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराएंगे।
साथ ही ठेकेदारों ने चेतावनी दी कि कोई ठेकेदार भुगतान नहीं होने के कारण गलत कदम उठाता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस दौरान राजेंद्र नेगी, कैलाश शाह, पंकज शर्मा, दिलशाद, वारिस खान, भगवत सिंह, जाकिर अंसारी, मुकेश तिवारी, उमेश जोशी, जसपाल राणा, इकराम अहमद, संजय उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
मांगों को लेकर ठेकेदारों ने दिया धरना
मांगों को लेकर सोमवार को ठेकेदारों ने लोक निर्माण विभाग में धरना दिया और मांगें पूरी न होने पर प्रदर्शन और उग्र करने की चेतावनी दी। कान्ट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय आह्वान पर सोमवार को ठेकेदारों ने लोक निर्माण विभाग में धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। ठेकेदारों ने कहा कि सरकार बकाया भुगतान नहीं कर रही है और ई-टेंडरिंग प्रक्रिया लागू कर दी गई है। भुगतान न होने से ठेकेदार परेशान हो रहे हैं।
ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से भी ठेकेदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार मांग करने के बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया है। ऐसे में ठेकेदारों को धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे पहले ठेेकेदार अधीक्षण अभियंता कार्यालय में तालाबंदी कर चुके हैं। इस दौरान राजेंद्र सिंह बोहरा, जीवन वोरा, मोहम्मद फारूख, जगत सिंह, ललित सिंह, गोविंद, जितेंद्र साह, वीरेंद्र बिष्ट,पदम सिंह, गोविंद बरगली, गोविंद जोशी, नीरज साह आदि मौजूद रहे।