नैनीताल। हाईकोर्ट ने किसान नेता गणेश उपाध्याय की अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया है।
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। किसान नेता गणेश उपाध्याय ने पूर्व में हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष जनहित याचिका दायर की थी। इसमें कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने पर विचार करने का आदेश दिया था। कोर्ट के पूर्व आदेश का पालन न होने पर प्रमुख सचिव उत्तराखंड और केंद्रीय कृषि सचिव के विरुद्ध अवमानना याचिका दायर की गई थी। अवमानना याचिका में केंद्रीय कृषि सचिव मनोज आहूजा ने शपथपत्र दाखिल कर कोर्ट को बताया कि राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिश और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में भारत सरकार द्वारा फसलों का उत्पादन लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है जो खरीफ, रबी और अन्य व्यावसायिक फसल पर लागू किया गया है। साथ ही कोर्ट को यह भी बताया गया कि खरीफ और रबी की फसल का समर्थन मूल्य का प्रचार प्रसार व्यापक स्तर पर किए जाने का निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई वित्तीय मामलों को कैबिनेट समिति में लिया गया है जो इसी बुवाई के मौसम से पूर्व प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया और एम किसान पोर्टल तथा एसएमएस के माध्यम से हिंदी व अंग्रेजी में किया जाएगा। यह भी बताया गया कि अन्य प्रकार की दलहन व तिलहन फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में कार्यवाही राज्य सरकारों से परामर्श और उनके निवेदन के अनुसार कराई जा रही है। इसके लिए पीएम आशा योजना के तहत कार्यक्रम घोषित किया गया है। कोर्ट ने आदेश का पालन काफी हद तक किए जाने के शपथपत्र के बाद अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया। संवाद