नैनीताल। हाईकोर्ट ने सहत्रधारा देहरादून में पाइपलान बिछाने के टेंडर पर रोक लगाते हुए टेंडर कमेटी के सभी सदस्यों के साथ अधिशासी अभियंता जल संस्थान को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। विजय प्रकाश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि जल संस्थान ने सहत्रधारा में पानी की लाइन बिछाने का टेंडर जारी किया था। 1 मई को टेंडर खोल कर 27 मई को इसको अपलोड कर दिया गया लेकिन इसके बाद इसी काम का दोबारा टेंडर निकाला गया, जिसको 30 मई को निरस्त कर 6 जून को एक बार फिर टेंडर निकाला गया। जल संस्थान की ओर से कहा गया कि न्यूनतम बिड नहीं आई जिसके चलते निविदा को निरस्त कर दिया गया था। कोर्ट ने पूछा जब बिड नहीं थी तो वित्तीय बिड कैसे खोल दी गई। इस पर कोर्ट में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर अगली सुनवाई पर इस संबंध में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।