नैनीताल। हाईकोर्ट ने टिहरी विस्थापित क्षेत्र देहरादून की अजबपुरकलां में टीएचडीसी की ओर से निर्धारित पार्कों की भूमि पर अवैध कालोनियों का निर्माण किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। पूर्व के आदेश के तहत सचिव एमडीडीए की ओर से जवाब पेश नहीं करने व कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होने पर सचिव एमडीडीए के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए गए हैं। कोर्ट उन पर पूर्व में 15000 का जुर्माना भी लगा चुकी है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अजबपुरकलां निवासी वनमाली प्रसाद ने 2021 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि टीएचडीसी ने अजबपुरकलां के साथ पार्कों की भूमि पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण कर दिया है जो एमडीडीए द्वारा मान्यता प्राप्त थी। एमडीडीए को सूचना देने के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।