सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस ने कदमताल कर सभा के दौरान केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। केंद्र सरकार की नियत पर सवाल खड़े किए और चुनाव में भारी बहुमत से विजयश्री दिलाने का जनता से आशीर्वाद मांगा।
चुनी हुई सरकार को अपदस्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने के विरोध और लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेसियों ने रविवार को पदयात्रा निकाली। रामलीला मैदान में सभा के दौरान कांग्रेस के बड़े नेताओं के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रहे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि मोदी-शाह की जोड़ी ने जनतंत्र का कत्ल किया है और जनता इसकी सजा सुनाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों को सबक सिखाने के लिए भारी बहुमत से जीत दिलाने का आशीर्वाद जनता से मांगा। पूर्व वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि तानाशाही का अंत दुनिया से हो रहा है। 2019 में मोदी-शाह की तानाशाही का अंत होगा। कांग्रेसी तय कर लें कि 2019 में आतिशबाजी कर या अबीर-गुलाल उड़ाकर जश्न मनाएंगे। कहा कि मुस्लिम-सिख विरोधी केंद्र सरकार वास्तविकता में मानवता विरोधी है।
पूर्व सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि प्रजातंत्र में मोदी-शाह की आस्था नहीं है। संविधान विरोधी केंद्र सरकार की पराजय की नींव आज रामलीला मैदान में पड़ गई है। कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं ने जनता के सामने बहुमत न सिद्ध करने देने और राष्ट्रपति शासन लगाने को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए।