नैनीताल। कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. सरस्वती खेतवाल ने भाजपा प्रत्याशी जीवंती भट्ट से लगभग दोगुने मत प्राप्त कर करारी शिकस्त से जहां नगर भाजपा से लेकर प्रदेशस्तर की तक की जड़ें हिला दी हैं। वहीं, यह भी साबित कर दिया है कि भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में दिग्गजों के उतरने के बावजूद कांग्रेस की रणनीति भाजपा पर काफी भारी पड़ी। साथ ही नैनीताल सीट पर कांग्रेस का दबदबा भी बरकरार रहा।
निकाय चुनाव से पूर्व ही भाजपा नगर ही नहीं प्रदेशभर में भाजपा की प्रचंड जीत के दावे कर रही थी। नैनीताल सीट महिला होने के बाद भाजपा ने जीवंती भट्ट को टिकट दिया तो सभी दावेदारों ने एकजुटता दिखाकर कमल खिलाने के दावे किए। इधर, कांग्रेस ने लगभग तीन दशकों से अधिक समय से समाजसेवा में जुटी डॉ. सरस्वती खेतवाल को टिकट दिया। भाजपा के रणनीतिकारों के आदेश पर कई दिग्गजों ने मोर्चा संभाला।
इधर, कांग्रेस में पूर्व विधायक संजीव आर्य ने इस सीट को निजी प्रतिष्ठा से जोड़कर यहां डेरा जमाकर चुनाव की रणनीति तैयार की। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी भी डॉ. खेतवाल के साथ सक्रियता से जुड़े। इधर, कांग्रेस ने 20 जनवरी को प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की स्नोव्यू स्थित रामलीला मैदान में सभा कर भाजपा को उलझा दिया। 21 को कांग्रेस ने नगर में शक्ति प्रदर्शन किया तो भाजपा स्नोव्यू और सात नंबर में जुलूस निकालने में रह गई। कुल मिलाकर कांग्रेस की ठोस रणनीति, कार्यकर्ताओं की एकजुटता और नैनीताल सीट पर पार्टी का लंबे समय से रहा दबदबा विपक्षियों पर बहुत भारी पड़ा। संवाद