कांग्रेस ने सोमवार को नैनीताल में प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। पार्टी की ओर से आयोजित जनाक्रोश रैली में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पलायन के मुद्दे पर धामी सरकार को जमकर घेरा। इसमें बड़ी संख्या में प्रदेश भर के कांग्रेसी बड़ी संख्या में जुटे। सभा के बाद जुलूस निकालते कांग्रेसियों के कमिश्नरी की ओर बढ़ने पर फांसी गधेरे के पास बैरिकेडिंग करके रोक दिया गया। इसे लेकर पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में आयुक्त दीपक रावत ने वहीं पहुंचकर ज्ञापन लिया। मल्लीताल के पंत पार्क में सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में आयोजित रैली में कांग्रेसियों में काफी जोश नजर आया। सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ नारेबाजी के बीच सभा में कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर कई संगीन आरोप लगाए। मंच से कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर लगातार वार किया। कहा कि जन मुद्दों के निस्तारण में सरकार फेल साबित हुई है। अपनी हार देखते हुए सरकार की निकाय चुनाव कराने की मंशा नहीं है। सरकार युवाओं को रोजगार नहीं बल्कि नशा परोस रही है। जहां सरकार विकास की बात कर रही है, वहीं बीडी पांडे अस्पताल में रेफरल अस्पताल बन चुका है। उत्तराखंड में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाने के लिए अडानी कंपनी को देने के फैसले का भी कांग्रेस की ओर से विरोध किया गया। बड़ी संख्या में तैनात किए पुलिसकर्मी सभा के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जुलूस लेकर कमिश्नरी जाने के लिए बढ़ गए। माल रोड से तल्लीताल की ओर पहुंचने से पहले ही उन्हें फांसी गधेरे के पास पहले से की गई बैरिकेडिंग पर रोक दिया गया। यहां एसडीएम प्रमोद कुमार, एसपी हरबंस सिंह, सीओ प्रमोद साह सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। पुलिस के रोकने के बावजूद कांग्रेसियों ने बैरिकेडिंग फांदकर आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस से मामूली धक्कामुक्की भी हुई। बाद में कांग्रेसियों ने वहीं पहुंचे आयुक्त के माध्यम से राज्यपाल गुरमीत सिंह को ज्ञापन दिया। बेरोजगारी के कारण गांव के गांव खाली हो गए युवा नौकरी अपनी मेहनत से पा रहे हैं, लेकिन सरकार कार्यक्रमों में उन्हें नियुक्ति पत्र देकर श्रेय लूटने में लगी है। केवल दिखावा हो रहा है। इससे युवाओ का मनोबल गिर रहा है। यहां के जल, जंगल व जमीन पर उत्तराखंड के लोगों का अधिकार है, मगर बाहरी लोगों को खुली छूट दे दी गई है। बेरोजगारी के कारण गांव के गांव खाली हो गए हैं। करोड़ों की धनराशि अवमुक्त होने के बावजूद नैनीताल में अब तक सीवर प्लांट नहीं लग सका। -यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष प्रदेश में बेटियां- बहुएं सुरक्षित नहीं प्रदेश सरकार लव जिहाद, थूक जिहाद से आगे की नहीं सोच पा रही है। महिला उत्पीड़न में भाजपा नेता ही सबसे आगे हैं और प्रदेश में बेटियां, बहुएं सुरक्षित नहीं हैं। सल्ट, हरिद्वार, दुग्ध संघ अध्यक्ष, अंकिता आदि मामलों में सरकार लगातार अपने नेताओं को बचाने का कार्य कर रही है। -करन माहरा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष इनकी रही खास मौजूदगी: रैली में उप नेता प्रतिपक्ष व खटीमा विधायक भुवन कापड़ी, पंजाब के विधायक परगट सिंह, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, जसपुर विधायक आदेश चौहान, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, लालकुआं के पूर्व विधायक हरीश दुर्गापाल, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस मेहता, गोविंद सिंह कुंजवाल, नगर अध्यक्ष अनुपम कबड़वाल, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। चेकिंग के नाम पर रोके गए रैली में जाते वाहन जनाक्रोश रैली में विभिन्न जिलों से जाते कांग्रेसियों को जगह-जगह रोकने के भी आरोप लगे हैं। कांग्रेसियों के मुताबिक तमाम कार्यकर्ताओं को नगर के प्रवेश द्वार रूसी बाईपास, नारायण नगर व भवाली में रोका गया। परिवहन विभाग ने सोमवार को कालाढूंगी समेत विभिन्न जगह सघन चेकिंग अभियान चलाया। कालाढूंगी रोड से नैनीताल को जाने वाले कई कांग्रेसियों को उतारकर वाहनों को वापस भेज दिया गया। जबकि कई वाहनों में सवारी अधिक बताकर उन्हें नैनीताल तिराहे पर ही रोक दिया गया। इसे लेकर परिवहन कर्मियों व कार्यकर्ताओं में नोकझोंक देखने को मिली। कुछ जगह वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से गाड़ियां आगे बढ़ गईं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार करके निपटा जाएगा। रैली के दृष्टिगत अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था। लेकिन किसी भी कार्यकर्ता का वाहन नहीं रोका गया। - प्रमोद साह, सीओ नैनीताल। ये थीं मुख्य मांगें - बीजेपी शासन में राज्य के विभिन्न विभागों में व्याप्त घोर भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए। - राज्य के निवासियों के जल, जंगल, जमीन पर हक दिया जाए और सरकार की शह पर सरकारी जमीनों की बंदरबांट बंद की जाए। - महिला उत्पीड़न, बलात्कार की घटनाओं को रोका जाए और भाजपा नेताओं की संलिप्तता की जांच कर कार्यवाही हो। - राज्य की नदियों को निजी हाथों में देने के निर्णय को वापस लिया जाए। - आपदा से प्रभावित मोटर मार्गों एवं सिंचाई नहरों का पुनर्निर्माण हो। - राज्य के किसानों को एमएसपी शीघ्र दी जाए। - नैनीताल में सीवर ट्रीटमेंट प्लान योजना में घोर भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच हो। - नैनीताल में बलिया नाले की स्थायी सुरक्षात्मक योजना का कार्य अतिशीघ्र शुरू हो। - कांग्रेस कार्यकाल में हल्द्वानी में निर्मित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की बदहाल स्थिति को सही कर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तरीय खेलों का आयोजन किया जाए। - अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाया जाए और राज्य में बेतहाशा बढ़ रही नशाखोरी बंद हो। - नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल का उच्चीकरण हो। कांग्रेस के आरोप आधारहीन : भट्ट भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप आधारहीन और तथ्यों के विपरीत हैं। जनता विकास के मुद्दे पर सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है। नैनीताल में हुए कांग्रेसी प्रदर्शन को आपसी गुटबाजी के चलते जनता का ध्यान बांटने की कोशिश बताया। कहा कि पीएम मोदी और सीएम धामी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार राज्य में अभूतपूर्व विकास कार्य कर रही है। कांग्रेस शासन में नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की बेल सींचकर युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना दिया था। भाजपा बोली- कांग्रेस की रैली फ्लॉप भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ अनिल डब्बू और विधायक सरिता आर्य ने कांग्रेस की रैली को फ्लॉप बताया। उन्होंने कहा कि खनन माफिया और गुंडों पर प्रदेश सरकार की कार्रवाई से परेशान आकर माफियाओं ने काफी पैसा इस रैली में लगाया था। इसके अलावा विश्वविद्यालयों से मुस्लिम समर्थक बुलाए गए तो कुछ को पैसा देकर शामिल किया। बस एक ही प्रयास था कि नैनीताल का वातावरण खराब कर सीएम पुष्कर सिंह धामी की सरकार को अस्थिर किया जाए। ये पढ़ें- Rudrapur News: विवाह में चली गोली ने मचाई अफरा-तफरी, हर्ष फायरिंग करने पर दूल्हे के चाचा को लिया हिरासत में