कांग्रेस की उत्तराखंड न्याय यात्रा शुक्रवार को हल्द्वानी मुख्य शहर में न आकर तीनपानी चौराहे से लालकुआं के लिए निकल गई। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में निकाली गई यात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी प्रकरण, बेरोजगारी, पेपर लीक, महंगाई और किसानों-व्यापारियों के उत्पीड़न को मुद्दा बनाते हुए सरकार को घेरा।
तीनपानी चौराहे से शुरू हुई यात्रा गौरापड़ाव, मोतीनगर, मोटाहल्दू, बेरीपड़ाव और हल्दूचौड़ होते हुए लालकुआं पहुंची। रास्ते में विभिन्न पड़ावों पर मातृशक्ति, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि बृहस्पतिवार को गोल्ज्यू देवता से न्याय की गुहार लगाई। उनसे इंसाफ की मांग की। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। वांछित व्यक्ति को सांविधानिक पद देते हुए बचाने की कोशिश की गई है। मामले की सीबीआई जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में हो।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, प्रकाश जोशी, जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कहा कि न्याय यात्रा का उद्देश्य प्रदेश की जनता के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना है। आज किसान और व्यापारी परेशान हैं जबकि भाजपा नेता संपत्ति जुटाने में लगे हैं। यात्रा में हेमवती नंदन दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, सतीश नैनवाल, भोला भट्ट, विनोद कुमार पिन्नू, संतोष पांडे, सुहेल सिद्दीकी, उमेश कबड़वाल, कुंदन मेहता, प्रदीप बथ्याल, भुवन पांडे, शंकर जोशी, हेमंत बगड़वाल, जया कर्नाटक, महेंद्र पाल, संजय किरौला, मनोज शर्मा और प्रमोद आदि मौजूद रहे।
सुमित हृदयेश की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
न्याय यात्रा में हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश का न होना चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि प्रदेश मीडिया प्रभारी विनोद कुमार पिन्नू ने बताया कि विधायक सुमित धार्मिक यात्रा पर निकले हैं, इसीलिए यात्रा में शामिल नहीं हो सके। वहीं जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने बताया कि तीनपानी वाला रूट पहले से तय था, इसे बदला नहीं जा सकता था। अगली बार यात्रा हल्द्वानी शहर से होकर निकलेगी।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग
उत्तराखंड न्याय यात्रा लेकर लालकुआं पहुंचे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासी लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। वहां कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिम्वाल, हरीश चंद्र दुर्गापाल, भुवन पांडे, रवि शंकर तिवारी आदि मौजूद थे।