रविवार को हल्द्वानी में हुई भाजपा की प्रांतीय बैठक में कम से कम यह जरूर साफ हो गया कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुये पूर्व विधायकों को भाजपा अपनाने के लिए तैयार है। अंदरखाने ये विधायक भी मान रहे हैं कि 2017 में उनका भाजपा के बैनर तले चुनाव लड़ना तय है। बैठक से पूर्व सर्किट हाउस में इनमें से कुछ विधायकों की शाह के साथ बैठक भी हुई और इसमें भी 2017 के विधानसभा चुनाव पर बातचीत हुई।
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायकों के पक्ष में सफाई देते नजर आए। 18 मार्च को विधानसभा में बगावत करने केबाद दिल्ली पहुंचे इन विधायकों को उस समय अमित शाह से मिलने के लिए खासा इंतजार करना पड़ा था। भाजपा में एंट्री होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, हरक सिंह सहित नौ पूर्व विधायकों को लेकर भाजपा में अंतर्विरोध भी सामने आया था। इन पूर्व विधायकों को अपने क्षेत्रों में मजबूत मान रहा भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अब यह संकेत देने में भी गुरेज नहीं कर रहा है कि 2017 में भाजपा इन पर दांव खेलेगी।
प्रांतीय बैठक में विजय बहुगुणा को मंच पर भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों के बीच जगह दी गई और थोड़ा पुराने हो गए सतपाल महाराज को भी मंच पर पूरा सम्मान दिया गया। बैठक में अमित शाह ने भी कार्यकर्ताओं का मन टटोला, पर अपनी तरफ से साफ कर दिया कि इन पूर्व विधायकों को पार्टी स्वीकार कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता संकोच न करें, इन विधायकों ने भ्रष्टाचार के विरोध में हमारा साथ दिया है। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी कहा कि भाजपा के पास अब 36 विधायक हैं। पूर्व विधायकों को भाजपा पूर्व विधायक नहीं मानती। पार्टी के संगठन मंत्री संजय गुप्ता ने कहा कि सभी को उचित सम्मान दिया जाएगा। इधर, कुंवर प्रणव को छोड़कर कार्यक्रम स्थल पर कांग्रेस छोड़कर आए अन्य सभी विधायक मौजूद रहे। इन विधायकों की टुकड़ों-टुकड़ों में अमित शाह से बातचीत भी हुई। एक विधायक के मुताबिक 2017 में टिकट देने को आश्वस्त किया गया है।