रामनगर/देहरादून। सरकार के खिलाफ बागी हुए कांग्रेसी विधायकों से जहां सरकार पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं कांग्रेस भी अब हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। कहीं और विधायक दाएं-बाएं न हो जाएं, इसके लिए कांग्रेस और पीडीएफ के विधायकों की घेराबंदी शुरू हो गई है। उन्हें करीब 30-35 गाड़ियों में देहरादून से रामनगर लाया गया है। इनके लिए पिकनिक का इंतजाम भी किया है। चर्चा है कि उनके साथ भाजपा के निष्कासित विधायक भीमलाल आर्य भी हैं। अब रामनगर में ही होली खेलने के साथ ही कांग्रेस विधायकों की नई रणनीति बनेगी।
रविवार की सुबह कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ क्षेत्र से कुछ लालबत्ती गाड़ियों के साथ ही 30 से 35 गाड़ियों का काफिला रामनगर पहुंचा, जिसमें कांग्रेस व पीडीएफ के विधायक थे। ये काफिला रामनगर पहुंचते ही अलग-अलग दिशाओं को जाने लगा। इसी के साथ शाम 5.30 बजे लालबत्ती कार सहित पांच गाड़ियों में वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी सीआरबीआर रिसोर्ट पहुंच गए। इसकी भनक जैसे ही मीडिया कर्मियों को हुई, तब तक धामी दो विधायकों को कमरे में बिठाकर मीडिया कर्मियों से मुखातिब होने बाहर आ गए।
उनसे पूछने पर कि आपके साथ कितने विधायक हैं। पहले तो धामी टालमटोल करते हुए कहने लगे कि वह चाय पीने के लिए रिजोर्ट में रुके हैं, थोड़ी देर में होली मनाने अपने गृह क्षेत्र को निकल जाएंगे। अधिक जोर देने पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि आप तो समझते ही हैं, मेरे मुंह से क्या उगलवाएंगे। देर शाम वह रिसोर्ट के पिछले दरवाजे से दो विधायकों को लेकर कहीं और चले गए। बताया जाता है कि उनके साथ भाजपा के निष्कासित विधायक भीमलाल आर्य के साथ ही पौड़ी के विधायक सुंदर लाल, मंत्री प्रसाद नैथानी, दिनेश धनै, हरीश चंद्र दुर्गापाल, मनोज तिवारी, हेमेश खर्कवाल, गणेश गोदियाल आदि भी आए हैं।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में जारी उठा पटक को देखते हुए इन विधायकों ने फिलहाल राजनीतिक गहमा गहमी से दूर रहने में भलाई समझी है। कांग्रेस ने विधायकों को 27 मार्च तक की छूट देते हुए रामनगर या नैनीताल में कैंप करने को कहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ और विधायक भी रवाना हो सकते हैं।
कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को दल बदल कानून के तहत नोटिस जारी किया जा चुका है। यह तय माना जा रहा है कि इन विधायकों की सदस्यता 28 मार्च से पहले ही समाप्त कर दी जाएगी। ऐसे में कांग्रेस अब यह भी मान कर चल रही है कि बाकी बचे विधायकों को लेकर राहत महसूस की जा सकती है। जिनको जाना था, वे चले गए हैं। महाराज कैंप के विधायकों को लेकर भी निश्चिंतता महसूस की जा रही है। कांग्रेस के कुछ विधायक अब भी दून में डेरा डाले हुए हैं। इतना जरूर है कि विधायकों को संपर्क में रहने को कहा गया है। दूसरी तरफ, बसपा के सरबत करीम अंसारी और निलंबित हरीदास को भी यह संकेत देने की कोशिश की गई है कि वह रडार पर नहीं हैं।