रविवार को एकाएक लालबत्तियों के साथ अधिकांश कांग्रेस व पीडीएफ विधायकों का काफिला रामनगर क्या पहुंचा कि सबकी निगाहें रामनगर में ही गढ़ गई हैं। विधायकों की संख्या को देखते हुए इन्हें एक साथ नहीं रख पाने के चलते काफी दिक्कतें आ रही हैं।
होली त्यौहार के चलते सभी छोटे बड़े रिसोर्ट पैक हैं। इसलिये कहीं चार तो कहीं तीन विधायक और कहीं सात विधायक अलग-अलग रिसोर्टों में ठहराने पड़े हैं। जिससे इनकी आवभगत व सुरक्षा को लेकर प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
आनन-फानन लाए गए अधिकांश विधायक रोजमर्रा का सामान भी नहीं ला पाए हैं। जिस वजह से सोमवार को सभी के लिये बाजार से खरीददारी की गयी। जिसमें आठ नौ अलग-अलग साइज के ट्रैक सूट तो कई जोड़ी चप्पल, जूते, सेविंग सामग्री के अलावा दवाइयां, ताजे फल, बोतल बंद पानी की पेटिया आदि सामान खरीदकर अलग-अलग गाड़ियों से अलग-अलग रिसोर्टों में भेजा गया।
इसके अलावा कई विधायकों के फोन बजते रहे। हालांकि फोन उन्होंने उठाया नहीं इससे इनकी लोकेशन ढिकुली क्षेत्र के रिसोर्टों और आसपास मिली है। जो लोग भगराकोट, कालाखंड, जमूड़ में रुके हैं वहां फोन काम नहीं करता है।
नहीं उतर पाए प्रीतम सिंह व ममता
रामनगर। सोमवार को डेढ़ बजे प्रीतम सिंह पंवार के साथ ममता राकेश को भी हैलीकाप्टर से रामनगर उतरना था। जिसके लिये महाविद्यालय में अस्थायी हैलीपैड बनाया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस व फायर बिग्रेड की गाड़ियां खड़ी थीं। लेकिन मीडिया का यहां जमावड़ा लगने के कारण वह देर शाम तक नहीं उतर पाए।
मुख्यमंत्री के आने की भी चर्चा, स्थानीय प्रशासन भी रहा मुस्तैद
रामनगर। तीन दिनों से रामनगर में मंत्रियों, विधायकों का जमावड़ा लगने के चलते स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद है। सोमवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत के आने की भी चर्चा होने लगी। जिस कारण तहसील मुख्यालय में लालबत्ती लगी एक इनोवा कार खड़ी की गयी थी।