भाजपा कोर कमेटी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सतपाल महाराज ने कहा कि कांग्रेस के अकुशल शासन की वजह से दो वर्ष पहले केदारनाथ में आई आपदा का खामियाजा पूरे प्रदेश के पर्यटन पर पड़ा। उन्होंने कहा कि आपदा तो सीमित क्षेत्र में आई, लेकिन सरकार की गलत नीतियों की वजह से इसका असर हर शहर के पर्यटन स्थलों में भी देखा गया। उन्होंने कहा कि भले ही फ्लोर टेस्ट के बाद हरीश रावत की सरकार सत्ता में आ गई, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी कांग्रेस के कई नेता सीएम रावत से नाराज हैं।
महाराज सोमवार को मल्लीताल स्थित हंस कीर्ति आश्रम में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सीएम हरीश रावत घोषणाओं पर घोषणाएं करते आ रहे हैं, लेकिन उन घोषणाओं को पूरा करने के लिए उनके पास धनराशि है ही नहीं। उनके जिलों की घोषणाएं भी हवाई साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जब एनडी तिवारी सीएम थे, तब भी रावत ने उन्हें सुकून से काम नहीं करने दिया, रावत ने हमेशा ही स्वार्थ की राजनीति को बढ़ावा दिया है।
मिशन 2017 में पार्टी किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी के पास पूर्व सीएम बीसी खंडूरी, रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोश्यारी के साथ ही विजय बहुगुणा जैसे कई चेहरे हैं, उनमें से वह किसी को भी दायित्व सौंप सकती है। बढ़ती महंगाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह विश्वव्यापी मुद्दा है। महाराज ने दावा किया कि भाजपा-2017 में जरूर सत्ता में आएगी। वार्ता में नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश आर्या आदि मौजूद थे।