कालाढूंगी विधानसभा में कांग्रेस ने अपना गढ़ मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह भाई जी को कांग्रेस में शामिल कर भाजपा और कालाढूंगी विकास मंच को जोर का झटका धीरे से दे दिया है।
भूपेंद्र सिंह भाई जी 2012 में कालाढूंगी से निर्दलीय चुनाव लड़े और कांग्रेस की हार का बड़ा कारण बने थे। 2017 के चुनाव में कालाढूंगी विकास मंच के महेश शर्मा को रोकने के लिए कांग्रेस ने ऐन वक्त पर भाई जी के रूप में नया पासा फेंककर चुनावी समीकरणों को रोचक बना दिया है।
कालाढूंगी विधानसभा में भाजपा का कब्जा है। 2012 में पहली बार विधानसभा अस्तित्व में आई। भाजपा के बंशीधर भगत ने कांग्रेस के प्रकाश जोशी को हराकर जीत दर्ज की। पिछले चुनाव में रोचक मुकाबला रहा।
कालाढूंगी विकास मंच के महेश शर्मा ने कांग्रेस से टिकट कटने पर बगावत की और निर्दलीय मैदान में उतरे। महेश शर्मा ने कांग्रेस के परंपरागत वोटों पर सेंधमारी की और कांग्रेस को हराने में भूमिका निभाई।
भूपेंद्र सिंह भाई जी ने भी इसी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा। हालांकि भाई जी ने बतौर निर्दलीय कांग्रेस से ज्यादा भाजपा को नुकसान पहुंचाया था। उनको अधिकांश वोट अपने क्षेत्र रामपुर रोड से मिले थे, जो भाजपा का गढ़ है।
2017 के चुनाव के लिए भले ही भाजपा और कांग्रेस से प्रत्याशी घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन चुनावी हलचल तेज हो गई है। इस चुनाव में महेश शर्मा कालाढूंगी विकास मंच के बैनर तले चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वह शक्ति प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने भाई जी को पार्टी में शामिल कर चुनावी समीकरण को रोचक बना दिया है। भूपेंद्र भाई जी क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं और रामपुर रोड में रहते हैं। भाई जी के कांग्रेस में आने से भाजपा और महेश शर्मा के वोट बैंक को नुकसान होगा।
बिष्ट ने दी भाजपा को मजबूती
बसपा के टिकट से पिछला चुनाव लड़ने वाले दीवान सिंह बिष्ट भाजपा में शामिल हो गए हैं। दीवान सिंह के भाजपा में शामिल होने से पार्टी जनाधार बढ़ा है। कालाढूंगी बाजार दीवान सिंह का गढ़ रहा और सर्वाधिक वोट उसी क्षेत्र से मिले।
2012 विधानसभा चुनाव में वोट
भाजपा: बंशीधर भगत 22744
कांग्रेस: प्रकाश जोशी 20374
निर्दली: महेश शर्मा 11809
निर्दलीय: भाई जी 8925
बसपा: दीवान बिष्ट: 9636