नैनीताल। पत्रकारिता और वकालत दोनों ही व्यवसायों के लिए संचार बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों को ही तथ्यों को प्रस्तुत करने, घटनाओं को उजागर करने व जनता की राय को प्रभावित करने की आवश्यकता होती है। यह बातें डीएसबी परिसर स्थित अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के वरिष्ठ पीआरओ आदित्य कुमार ने कही।
शनिवार को कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर स्थित अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र की ओर से स्वास्थ्य संचार विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य वक्ता आदित्य कुमार ने पत्रकारिता और वकालत के विद्यार्थियों को संचार के संबंध में बताया।
उन्होंने कहा कि पत्रकार तथ्यों को समुदाय तक पहुंचाने के लिए संवाद का उपयोग करते हैं जबकि वकालत में ग्राहक के पक्ष में तर्क देने और समझौते बनाने के लिए प्रभावी संचार की आवश्यकता होती है।
इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां दीं। बताया कि शरीर के अलग-अलग अंगों में अलग-अलग प्रकार का कैंसर हो सकता है। क्योंकि कैंसर कोशिकाएं शरीर की किसी भी कोशिका में शुरू हो सकती हैं, भले ही वह त्वचा, फेफड़े, स्तन, प्रोस्टेट या रक्त बनाने वाले ऊतक हों।
इससे पूर्व पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी ने उनका स्वागत किया। साथ ही पत्रकारिता और वकालत के विद्यार्थियों को बेहतर संचार की जानकारी दी।
इस मौके पर डॉ पूनम बिष्ट, डॉ सरिता कैड़ा, चंदन कुमार आदि मौजूद रहे।
स्वास्थ्य के प्रति ऐसे रहें जागरूक
नैनीताल पहुंचे आदित्य कुमार ने कहा कि अगर हम नियमित रूप से संतुलित आहार लें, तो हम कम बीमार पड़ेगे। कहा हम सभी को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने, पर्याप्त नींद लेने, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने, स्वच्छता बनाए रखने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और बीमारियों से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की जरूरत है।