हल्द्वानी। शहीद मेमोरियल पर बुधवार को विजय दिवस सादगी से मनाया गया। सेना, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने 1971 में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। कोरोना के चलते सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हुए। इस बार शहीद दिवस वीरांगनाओं के बगैर आयोजित हुआ।
शहीद स्मारक पर एसएसपी सुनील कुमार मीणा, एडीएम एसएस जंगपांगी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन आरएस धपोला, मेजर जनरल (सेनि.) इंद्रजीत सिंह बोरा, सेना के कमांडेंट कर्नल संजय वाशिंगटन, डीएस बिष्ट आदि ने 1971 में भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को याद किया।
शहीद मेमोरियल पर पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। एसएसपी ने कहा कि सैनिकों की शहादत और पराक्रम के बल पर 1971 में विजय पाई थी। कार्यक्रम में कर्नल डीएस बिष्ट, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, सुमित्रा प्रसाद, मेजर (सेनि.) कुंवर सिंह, मेजर बीएस रौतेला, कर्नल बीडी कांडपाल, कैप्टन डीएस खर्कवाल, एसएस रौतेला, तारा जोशी, दीप पांडे, नरेंद्र बोहरा, जगत बोरा, कैलाश चंद्र, ललित सिंह, शंकर सिंह, हरीश कुमार आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का मलाल
नीलियम कॉलोनी निवासी वीरांगना गोविंदी देवी को विजय दिवस की सूचना नहीं दी गई थी। उनके परिजन मोहन चंद्र पाठक ने बताया कि उन्हें कार्यक्रम की सूचना नहीं दी गई। शहीद कृपाल दत्त की वीरांगना देवलचौड़ निवासी सरस्वती देवी को भी विजय दिवस के बारे में जानकारी नहीं दी गई। सरस्वती देवी के बेटे कैलाश उपाध्याय ने बताया कि हर साल कार्यक्रम में बुलाया जाता था, लेकिन इस बार नहीं बुलाया। शहीद मोहन चंद्र की वीरांगना नंदी देवी को भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का मलाल है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी आरएस धपोला ने बताया कि कोविड के कारण बुजुर्ग वीरांगनाओं को नहीं बुलाया गया। कार्यक्रम सादगी से आयोजित किया गया।
डीके पार्क में शहीद सैनिकों को याद किया
हल्द्वानी। राष्ट्रीय मानव अधिकार एंड एंटी करप्शन फोर्स ने पटेल चौक स्थित डीके पार्क में विजय दिवस मनाया। इस मौके पर प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवम सिंह ठाकुर, जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण, चंपा शर्मा, साहिब, जिला सचिव जमील कुरैशी, नगर अध्यक्ष दौलत सैनी आदि मौजूद रहे।