एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में कॉलेज प्रशासन की घोर लापरवाही देखने को मिली। आई कार्ड में गड़बड़ी के चलते सैकड़ाें छात्र मताधिकार से वंचित रह गए। कई छात्रों को 2015-16 के प्रवेश पत्र जारी किए गए थे तो कई छात्रों के आई कार्ड में मोहर ही नहीं थी।
प्रत्याशियों एवं समर्थकों ने इसे मुद्दा बनाकर हंगामा किया। इसके बाद ही कालेज प्रशासन ने इसकी पड़ताल की। जांच में पता चला कि गलती से 2015-2016 के प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। जबकि प्रवेश 2016-17 के सत्र के ही हैं।
शोरगुल होने पर कॉलेज प्रशासन ने आई कार्ड सत्यापित कर कुछ विद्यार्थियों को वोट देने के लिए कालेज में जाने दिया। लेकिन अधिकांश मतदाता झमेले से बचने के लिए बैरंग लौट गए।
इसके अलावा कई छात्रों के आई कार्ड में मोहर नहीं लगी थी तो कई के परिचय पत्र में हस्ताक्षर नहीं थे। कुछ विद्यार्थी ऐसे भी थे जिनके आई कार्ड पर मोहर दो-दो बार लगी हुई थी।
गेट में चेकिंग के दौरान ऐसे सभी विद्यार्थियों को रोक दिया गया। कई विद्यार्थियों की कालेज प्रबंधन से बहस भी हुई। ऐसे विद्यार्थी भी बगैर वोट दिए घरों को लौट गए।
सूची में नाम न होने पर वोट नहीं दे पाए
कई विद्यार्थियों के पास आई कार्ड भी था और फीस रसीद भी, उनके आईकार्ड में मोहर भी लगी थी और कॉलेज प्रशासन के हस्ताक्षर भी, लेकिन उनके नाम नामावली सूची में नहीं थे। इस दौरान विद्यार्थियों की कॉलेज प्रशासन से बहस भी हुई, लेकिन प्रोफेसरों का कहना था कि आज नाम नहीं जोड़े जा सकते। इस कारण कई विद्यार्थी वोट नहीं दे पाए।