विश्व बाघ दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल संबोधन करते हुए सीएम ने वन संरक्षण का संदेश देने के साथ ही विभागीय कार्यप्रणाली में गड़बड़ी को इंगित किया और बेहतर कार्य के लिए बधाई भी दी। सीएम धामी ने हल्द्वानी में प्रस्तावित वन्यजीवों के अस्पताल के निर्माण में देरी पर नाराजगी व्यक्त की। यह योजना छह साल से अटकी हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका शिलान्यास जल्द करने का निर्देश प्रमुख वन संरक्षक को दिया, देरी होने का औचित्य नहीं है। वहीं पशु व मानव क्षति होने पर मुआवजा या मदद तत्काल दी जाए, ताकि ग्रामीणों को वन विभाग के चक्कर न लगाने पड़े। इसके अलावा पाखराें जैसी घटना को भी इंगित किया।
सीमा विवाद के मामले को रखकर वन विभाग को संदेश के साथ संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह भी कहा कि जहां से कब्जा हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा ना हो, इसका ध्यान रखें।
उत्तराखंड में बाघों की संख्या में इजाफा होने पर सीएम ने प्रदेश की जनता, वन विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ही स्थानीय प्रतिभागियों को बधाई दी। कहा कि वर्ष 2018 में 442 बाघों की संख्या थी जो वर्ष 2022 तक बढ़कर 560 हो गई है। सीएम ने देश भर के टाइगर रिजर्व से पहुंचे प्रमुख वन्य जीव संरक्षकों से जिम कॉर्बेट संग्रहालय कालाढूंगी जाने का अनुरोध किया। कहा कि विश्वविख्यात जिम कॉर्बेट ने अपने जीवन का काफी समय कालाढूंगी में व्यतीत किया। कालाढूंगी में उनका पुराना घर है जिसे एक संग्रहालय का रूप दिया गया है। हम अपनी सदियों पुरानी परंपरा का आज भी पालन कर रहे हैं, जो हमें सिखाती है कि हमें जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों के संग समरसता के साथ रहना चाहिये, क्योंकि ये सब भी इस धरती पर हमारे साथ ही रहते हैं। चिपको आंदोलन के नाम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हुए इस महिला सत्याग्रह ने पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और नारी सशक्तिकरण को नए अर्थों में परिभाषित किया।