हाईकोर्ट ने नैनीताल स्थित बीडी पांडे अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी मामले में सीएमओ नैनीताल और इस अस्पताल के सीएमएस को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने को कहा है। कोर्ट ने नैनीताल के सूखा ताल से संबंधित मामले में भी अब तक की गई कार्यवाही का ब्योरा सरकार से तलब किया है।
बुधवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंड पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नैनीताल निवासी दीपक रूबाली ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नैनीताल जिला मुख्यालय और मंडल मुख्यालय है।
यहां शहर के अलावा दूर-दूर के ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। पर्यटकों की आवाजाही तथा वीआईपी का आवागमन भी होता है। बीडी पांडे अस्पताल में न तो पर्याप्त डाक्टर हैं और न ही उचित स्वास्थ्य सुविधाएं हैं।
पूर्व में कोर्ट ने इस प्रकरण पर सरकार से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में पूछा था। सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर बृहस्पतिवार को कोर्ट में सीएमओ नैनीताल व सीएमएस को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर, नैनीताल में सूखा ताल के सौंदर्यीकरण के मामले में दायर जनहित याचिका पर अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने छह अक्टूबर की तिथि नियत की है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार की ओर से अब तक की गई कार्यवाही से कोर्ट को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।