फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम ने जू और विंड मिल का किया शुभारंभ 

Mon, 19 Dec 2016 01:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन


हल्द्वानी। सीएम हरीश रावत ने रविवार को विंड मिल का बटन दबाकर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राज्य वैकल्पिक ऊर्जा के लिए नए प्रयोग कर रहा है, इसी क्रम में इसकी शुरुआत की गई है। वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा कि यह राज्य का पहला विंड मिल है। वनाधिकारियों ने बताया कि 250 यूनिट बिजली बनना शुरू हो गई है। विंड मिल के बाद सोलर एनर्जी मिल की भी स्थापना की जाएगी।

इस दौरान प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव डीबीएस खाती, डीएफओ कहकशां, डा. चंद्रशेखर सनवाल, एसडीओ जीएस कार्की, आरसी कांडपाल आदि वनाधिकारी मौजूद थे। गौलापार में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर और सफारी में संकटग्रस्त गैंडा जैसी प्रजातियों के परिवारों को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। यहां पर कंजरवेशन ब्रीडिंग सेंटर विकसित करने की योजना है। इसमें गैंडा, बारहसिंघा और पाडा (हौग डियर) की प्रजातियों का प्रजनन कराया जाएगा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर संचालन के लिए हल्द्वानी बायो डायवर्सिटी कंजरवेशन एंड मैनेजमेंट सोसाइटी का भी गठन किया गया है।प्रमुख सचिव वन की अध्यक्षता में बनी सोसाइटी में 11 सदस्य होंगे। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डा. पराग मधुकर धकाते नेे बताया कि यहां पर इको कैफेटेरिया भी बनाया जाएगा। सामान्य तौर पर कैफेटेरिया क्रंकीट आदि के बने होते हैं, जबकि इसमें प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल होगा। यह ओपन टू स्काई होगा। इसके अलावा सफाई पर विशेष जोर दिया गया है, यहां पर बायो टॉयलेट का निर्माण किया जाएगा।
विज्ञापन


जू-सफारी निर्माण को जल्द मिलेंगे 10 करोड़
हल्द्वानी। वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने बताया कि जू-सफारी के लिए एक करोड़ का बजट जारी किया जा चुका है। 10 करोड़ का बजट जल्द मिलेगा। बजट जारी करने की करीब सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। 
विज्ञापन

तीन साल लग गए औपचारिकता पूरी करने में
हल्द्वानी। अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर और सफारी की योजना को फाइलों से निकाल कर धरातल पर उतराने में तीन साल का समय लग गया। 2013 दिसंबर में योजना बनी थी। प्रशासनिक, विधिक (सुप्रीम कोर्ट और सेंट्रल जू अथारिटी आफ इंडिया) और वित्तीय प्रक्रिया पूरी करने में तीन साल लग गए। इसके बाद शिलान्यास की तारीख तय हो सकी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें