प्रदेश संगठन का विस्तार होने पर सदस्य बनाने वालों को संगठन में जगह दी जाएगी। सरकार ने 2015 को कर्म वर्ष घोषित किया है और सरकार के काम दिखाई देंगे। मंत्रियों और अधिकारियों को काम में तेजी लाने को कहा गया है। दैवीय आपदा से जूझ रहे प्रदेश को विकास के मार्ग पर लाना सबसे बड़ी चुनौती है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उक्त बात कही। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा से निराश हो चुके लोगों में सरकार ने जोश भरने का काम किया है। केदारनाथ में माइनस छह डिग्री के तापमान में काम चल रहा है। चार हजार लोगों के ठहरने के लिए सरकारी भवन बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि निजी होटल स्वामियों से कहा गया है कि जीर्णशीर्ण हो चुके भवनों को गिराकर नया भवन बना लें और सरकार की ओर से भवन निर्माण की पूरी सामग्री दी जाएगी। जिन भवनों की मरम्मत हो सकती है उन्हें न गिराया जाए। उन्होंने कहा कि जिला योजना के तहत स्वीकृति राशि में 90 प्रतिशत, राज्य सेक्टर में 75 प्रतिशत, केंद्र से मिलने वाली राशि में 65 प्रतिशत और विदेश सहायता से चल रही योजनाओं के लिए मिलने वाली राशि में 50 प्रतिशत खर्च की जाएगी। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, पेंशन योजना, मुख्यमंत्री वृद्ध भोजना योजना आदि को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। पेंशन राशि में दो गुने की वृद्धि की गई है और हर तीन माह में पेंशन राशि का भुगतान किया जा रहा है।
गोरादेवी कन्या धन योजना, मेरी कन्या मेरा अभिमान जैसी योजनाओं के लिए सरकार को धनराशि जुटानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि परितयक्ता और निराश्रित पेंशन योजना की स्थिति अच्छी नहीं है। इस योजना के तहत 2016 तक सभी को आच्छादित कर लिया जाएगा। गर्भवती और बाल मृत्यु दर कम करने के लिए महिलाओं को पोषण दिया जा रहा है।
एक बार भी नहीं बिगड़ी कानून-व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के अब तक के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था एक बार भी नहीं बिगड़ी है, जबकि भाजपा के शासन में कालाढूंगी कांड के अलावा कई ऐसी घटनाएं हैं जिसमें कानून-व्यवस्था बिगड़ी थी। भाजपा को स्वयं आइना देखने की आवश्यकता है। रावत ने कहा कि भूरा को पकड़ना हमारे लिए चुनौती है। भूरा को पकड़ने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश देने के साथ ही समय सीमा तय की गई है। पुलिस के असफल रहने पर सरकार तय करेगी कि क्या कार्रवाई करनी है
हर कार्यकर्ता का जिलाध्यक्ष के बराबर सम्मान संभव नहीं
लालबत्ती के लिए उठ रही आवाजों के बारे में मुख्यमंत्री ने इशारों में कहा कि हर कार्यकर्ता को जिलाध्यक्ष के बराबर सम्मान नहीं मिल सकता है। सम्मान के लिए मेहनत करनी पड़ती है। मेहनत के बाद ही मंजिल मिलती है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे आदेश नहीं दे सकता है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचते ही अधिकारी उठकर खड़े हो जाएं।
देवर-भाभी का खेल खेला तो खेलूंगा होली
त्रिपाठी आयोग की रिपोर्ट पर सरकार को घेरने जा रही भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर देवर-भाभी की तरह मुझसे छेड़खानी की तो मैं होली खेलूंगा। उन्होंने कहा कि मैं रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखने को तैयार हूं। त्रिपाठी आयोग की रिपोर्ट में भाजपा नेताओं के आकंठ भ्रष्टाचार में डूबने होने की बात है। उन्होंने कहा कि मैं द्वेष भावना से काम नहीं करना चाहता, मेरा ध्येय राज्य का विकास है। अपने एजेंडे से हटकर दूसरी तरफ नहीं उलझना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में एक भी शिलापट पर कांग्रेस नेताओं का नाम नहीं है। जबकि हमारे शासन में उनके विधायकों के नाम लिखे मिल जाएंगे।
नदियों की सफाई से होगा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी और हिमाचल के खनन माफियाओं के कारण खनन कारोबार प्रभावित हो रहा है। नदियों की सफाई का मुद्दा भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया था और मेरी बात से कई मुख्यमंत्री सहमत थे। केंद्र सरकार से प्रति वर्ष नदियों की सफाई की अनुमति देने को कहा गया था, जिससे नदियों का पानी कृषि भूमि न काटे और गांवों में तबाही न हो।