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हिंदी, शारीरिक शिक्षा, सामान्य विषय का परीक्षा परिणाम घोषित करने का रास्ता साफ

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नैनीताल। हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड के हिंदी, शारीरिक शिक्षा और सामान्य विषय की अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से जारी उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली 30 याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इसके बाद इन विषयों का परीक्षा परिणाम घोषित होने का रास्ता साफ हो गया है। मामले की न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष हुई।
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सुनीता सहित 30 अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड के हिंदी, शारीरिक शिक्षा और सामान्य विषय में भर्ती के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। लिखित परीक्षा (वस्तुनिष्ठ) के बाद पहली बार उत्तर कुंजी जारी कर उनमें आपत्तियां मांगी गई थी। इन आपत्तियों को तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के समक्ष रखा गया। विशेषज्ञ समिति की संस्तुति के बाद नई उत्तर कुंजी जारी हुई जिसमें पहली बार जारी हुई उत्तर कुंजी के कुछ सवालों के उत्तर परिवर्तित हुए। दूसरी बार जारी हुई उत्तर कुंजी को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने कहा कि दूसरी उत्तर कुंजी में उनके कई सही जबावों को गलत दर्शाया गया है। इस कारण यूकेएसएसएससी को प्रथम उत्तर कुंजी के आधार पर ही परीक्षा परिणाम जारी किए जाने के आदेश दिए जाएं।
आयोग की ओर से कोर्ट को बताया गया कि आयोग की ओर से पहली बार उत्तर कुंजी जारी कर उसमें अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी जाती हैं और इन आपत्तियों का समाधान तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति से कराया जाता है। इसके बाद अंतिम उतर कुंजी जारी होती है इसलिए विशेषज्ञ समिति के निर्णय को गलत ठहराना उचित नहीं है। इस संबंध में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से पूर्व में जारी आदेशों को भी हाईकोर्ट के समक्ष रखा। इन तर्कों के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाओं को खारिज कर दिया।
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प्रश्नों को विशेषज्ञ समिति के समक्ष रखने के निर्देश
कोर्ट ने जयलक्ष्मी राणा और एक अन्य की ओर से दायर एक याचिका में प्रश्न पुस्तिका सीरीज बी के प्रश्न 30 और प्रश्न पुस्तिका सीरीज ए के प्रश्न संख्या 15 को पुन: तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के समक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को निर्देश दिए कि समिति के समक्ष रखकर इसे भी हल कर लिया जाए।
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