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अपने घर से करनी होगी स्वच्छता की पहल

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हल्द्वानी के अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में पहुंचे अतिथि। संवाद
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हल्द्वानी। शहर में सफाई और विकास की परिकल्पना तभी साकार होगी जब जिम्मेदार विभागों के अधिकारी मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग करेंगे। कूड़े को केवल घरों, संस्थानों से एकत्र कर डंप न किया जाए बल्कि उसका पूर्ण निस्तारण हो। सभी लोग जिम्मेदार नागरिक के तौर पर अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करें। स्वच्छता की जिम्मेदारी केवल सरकारी विभागों की न समझी जाए, बल्कि सभी सामूहिक रूप से शहर को और बेहतर करने के लिए योगदान दें। अपने घर से इसकी शुरुआत करें। सरकारी विभाग भविष्य के शहर के विस्तार और आबादी का अनुमान लगाकर योजनाएं बनाएं। छोटे-छोटे प्रयास, जागरूकता और सरकारी विभागों की योजना, आपसी समन्वय और क्रियान्वयन से बदलाव लाया जा सकता है। इससे स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा, साथ ही शहर भी चमकेगा।
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अमर उजाला की ओर से रामपुर रोड स्थित कार्यालय में बुधवार को बेस (बिजनेस एकेडमिक सोशल इंटरप्रेन्योर) कार्यक्रम के तहत ‘शहर में सफाई और विकास को लेकर चुनौती’ विषय पर आयोजित संवाद में युवाओं ने कुछ इस तरह मन की बात साझा की। वक्ताओं ने कहा कि जनता खुद जागरूक हो तभी शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय कर पाएगी। आजकल बच्चे ज्यादा सजग और संवेदनशील हैं। वे स्वच्छता को लेकर छोटी उम्र में ही जिम्मेदारी समझ रहे हैं। कई बार अभिभावक गलती कर जाते हैं लेकिन बच्चे उन्हें सिविक सेंस का अहसास करा देते हैं। इसलिए नागरिक दायित्व का भाव बचपन से ही विकसित किया जाए तो व्यवस्था में बदलाव कठिन नहीं होगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग होना चाहिए
मैनेजमेंट की कमी के कारण विकास और कूड़े का प्रबंधन नहीं हो पा रहा है। नए वार्ड बना दिए गए हैं लेकिन यहां कोई सुविधा नहीं दी गई है। हमारे पास जितने संसाधन हैं उनका बेहतर प्रयोग होना चाहिए। स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए नगर निगम क्षेत्र को जोन में बांटना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग स्वच्छता बनाए रखने में करना चाहिए। इसके साथ ही स्मार्ट डस्टबिन, जानवरों के लिए शेल्टर की मदद से भी हम शहर को सुधार सकते हैं।
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-डॉ. तरुण सक्सेना, एमआईईटी।
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पहले हमें खुद सुधरना होगा
जब तक हम खुद नहीं सुधरेंगे तब तक कूड़े की समस्या बनी रहेगी। अपने आसपास हमें कूड़े के निस्तारण को लेकर जागरूकता फैलानी होगी। कूड़े के निस्तारण के लिए शहर में कंपोस्ट प्लांट भी लगाया जाना चाहिए। लावारिस जानवरों की समस्या है, उस तरफ भी नगर निगम को और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
-सरिता नरुला, अध्यक्ष इनरव्हील क्लब राइजिंग स्टार
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सिविक सेंस बढ़ाने की जरूरत
लोगों में सिविक सेंस की कमी है। विदेशों में रहा हूं, वहां सफाई को लेकर सिविक सेंस बहुत अधिक है। हमें यहां भी इसे बढ़ाने की जरूरत है। हमें आसपास गंदगी फैलाने वाले लोगों को टोकना चाहिए। ऐसा करने वाले लोगों का वीडियो बनाना चाहिए और उसे निगम को देना चाहिए। निगम को ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाना चाहिए।
-वरुण प्रताप सिंह भाकुनी, एडवोकेट हाईकोर्ट
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कूड़ा गाड़ियों में कूड़ा नहीं डालने वालों से भी लें शुल्क
नगर निगम का सिस्टम ढीला है। निगम डोर टू डोर कूड़ा वाहन तो चला रहा है लेकिन लोग शुल्क देने से बचने के लिए सड़क किनारे और खाली प्लाट में कूड़ा डाल रहे हैं। नगर निगम को ऐसे घरों से भी शुल्क वसूलना चाहिए जो डोर-टू-डोर कूड़ा गाड़ियों में कूड़ा नहीं डाल रहे हैं। लोगों में सिविक सेंस बढ़ाने के लिए प्राइवेट संस्थाओं की मदद भी लेनी चाहिए।
-मनोज जोशी पार्षद नगर निगम
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सफाई विषय को शिक्षा में शामिल किया जाए
सफाई पहले हमारी आदत में थी। अब ये हमारी आदत से दूर होती जा रही है। इसको लेकर स्कूलों में एक पाठ्यक्रम होना चाहिए। स्कूली बच्चे जब जागरूक होंगे तब वे अपने आसपास और परिवार को इसके बारे में बता सकेंगे। अपनी आदतों में सफाई को शामिल करना चाहिए। शुरुआत में जो आदतें बन जाती हैं, वे आगे भी बनी रहती हैं।
-चंद्र सिंह अर्बन एक्सपर्ट नगर निगम
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कूड़े का पूर्ण निस्तारण ही सफाई है
कूड़े का पूर्ण निस्तारण करना ही सफाई है। घरों से निकलने वाला 60 प्रतिशत कूड़ा स्वत: निस्तारित होने वाला होता है। शेष 40 प्रतिशत कूड़े को ही निस्तारित करने की जरूरत पड़ती है। नगर निगम ने पृथक्कीकरण के लिए अभी तक कुछ नहीं किया है। इसके लिए जागरूकता भी बढ़ाने की जरूरत है। इस दिशा में धरातल पर काम होना चाहिए।
-डॉ. गौरव जिंदल पाल कॉलेज ऑफ टेकभनोलॉजी एंड मैनेजमेंट
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गांव, सड़क और गलियां गोद लें स्कूल व कॉलेज
सफाई, पॉलिथीन, सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर घर से लेकर स्कूल, कॉलेजों तक जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। स्कूल, कॉलेजों को गांव, सड़क और वार्ड की गलियों को गोद लेना चाहिए। यहां सफाई अभियान के साथ जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। इससे न सिर्फ व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि छात्र-छात्राएं जागरूक होंगे।
-ओपी जोशी, पाल कॉलेज ऑफ टेकभनोलॉजी एंड मैनेजमेंट
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भविष्य और आबादी को देखकर बनें शहर के विकास की योजनाएं
शहर की योजनाएं भविष्य और आबादी को देखते हुए बनाई जानी चाहिए। नालियों की सफाई नियमित की जानी चाहिए। ड्रेनेज सिस्टम की शहर को आवश्यकता है। नए क्षेत्र का विकास करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय भी होना चाहिए ताकि कोई योजना लंबे समय तक लंबित न रहे।
-रोहित बिष्ट, गो ग्रीन गो क्लीन संस्था।
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राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत
शहर में सफाई और विकास के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। इसके लिए एक खाका खींचा जाए। जागरूकता फैलाई जाए। कंपोस्ट प्लांट बनाया जाए और कूड़े का संपूर्ण निस्तारण किया जाए।
-योगेश पंत, बैंक कर्मी व जिला सचिव यूबीईयू नैनीताल
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कचरे का प्रयोग खाद के रूप में किया जाए
घर से निकलने वाले कूड़े का प्रयोग खाद के रूप में किया जाना चाहिए। प्लास्टिक का पुन: इस्तेमाल किया जाना चाहिए। प्लास्टिक, पॉलिथीन का प्रयोग आय बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। क्राफ्टिंग आदि में इसका प्रयोग कर आय बढ़ाई जा सकती है।
-कनिका चुफाल, एडवोकेट हाईकोर्ट
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बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें
बच्चों को स्कूल में स्वच्छता के बारे में सिखाया जाना चाहिए। बच्चों को पता होना चाहिए कि कौन सा कूड़ा किस डिब्बे में डाला जाना चाहिए। कूड़ा सड़क, गलियों में फेंकने वालों पर अर्थदंड लगाया जाना चाहिए।
डॉ. कनकमीत, कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी
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बच्चे घर से ही सीखते हैं
बच्चे मां-बाप, रिश्तेदार से ही सीखते हैं। पहले घर में ही सिविक सेंस होना चाहिए। पहले खुद को बदलना चाहिए। बच्चे अपने आप ही बदल जाएंगे। इसलिए उनकी घर की आदतें बाहर भी दिखाई देती हैं।
-डॉ. कुनाल, कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी
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नगर निगम कर रहा पूरा प्रयास
नगर निगम अपने क्षेत्र से 90 प्रतिशत जगह कूड़ा गाड़ियां भेजकर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करवा रहा है। नगर निगम में रहने वाले लोगों को चाहिए कि वे पहले कूड़ा गाड़ियों में ही कूड़ा डालें। ऐसा न कर पाने पर लोगों को सेकेंड्री स्टेशन पर कूड़ा डालना चाहिए। अब नगर निगम कूड़ा गाड़ियों पर कूड़ा नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार है। कंपोस्ट प्लांट लगाने की भी तैयारी चल रही है। अगले वर्ष हमारी स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा।
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-गौरव भसीन, सहायक नगर आयुक्त
ये सुझाव भी आए
- अखबार समस्याओं के साथ समाधान भी बताएं।
- मौजूद संसाधन और सुविधाओं का बेहतर प्रयोग होना चाहिए।
- कूड़े को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।
- योजनाएं भविष्य की आबादी को देखते हुए बनाई जानी चाहिए।
- नियमों को तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए।
- लोगों और स्कूली बच्चों में सिविक सेंस बढ़ाया जाना चाहिए
- स्कूलों को साथ लेकर जागरूकता और सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए।
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