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कुमाऊं में सिटी फारेस्ट की योजना का झटका

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प्रतीकात्मक।
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हल्द्वानी। कुमाऊं में सिटी फारेस्ट विकसित करने की योजना को फिलहाल झटका लगा है। कुमाऊं से रुद्रपुर और जसपुर में सिटी फारेस्ट विकसित करने के लिए वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था, उसे केंद्रीय मंत्रायल की तरफ से हरी झंडी नहीं मिल सकी है। नैनीताल आदि जनपदों में सिटी फारेस्ट विकसित करने की योजना है, इसके लिए भी बजट के चलते योजना आगे नहीं बढ़ सकी है।
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वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सिटी फारेस्ट विकसित करने के लिए प्रस्ताव मांगा था। इस योजना के लिए वित्तीय सहायता भी मंत्रालय से मिलनी थी। कुमाऊं में इस योजना के तहत ऊधम सिंह नगर जिले में दो जगह जसपुर (तराई पश्चिमी वन प्रभाग) और रुद्रपुर (तराई केंद्रीय वन प्रभाग) में क्रमश: 13 और आठ हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर सिटी फारेस्ट विकसित करने का प्रस्ताव अपर प्रमुख वन संरक्षक परियोजना, देहरादून भेजा था। बाद में यह प्रस्ताव मंत्रालय तक पहुंचा था। इसी तरह गढ़वाल मंडल में देहरादून और कोटद्वार क्षेत्र के लिए भी गया था। सूत्रों के अनुसार रुद्रपुर और जसपुर की योजना के लिए केंद्रीय मंत्रालय से हरी झंडी नहीं मिल सकी है। अब अधिकारी अगले वित्तीय वर्ष में पुन: योजना के लिए प्रयास करने की बात कह रहे हैं। इसी तरह वन विभाग ने नैनीताल जनपद में हल्द्वानी और अल्मोड़ा जनपद में सिंतोला के लिए सिटी फारेस्ट का प्रस्ताव भेजा था। इसे राज्य के बजट बनाया जाना था। सूत्रों के अनुसार इन योजनाओं के लिए भी बजट का मामला फंस गया है। इसके लिए भी नए सिरे से पैरवी करने की तैयारी है।
यह गतिविधियां संचालित की जानी है
हल्द्वानी। सिटी फारेस्ट में लोगों को कई तरह की सुविधा देने की योजना बनाई गई। इसमें ध्यान केंद्र, इंटरपेटेशन सेंटर, बर्ड वाचिंग स्पॉट आदि बनाये जाने का प्रस्ताव था। साथ ही नर्सरी, वॉटर बाडी, नेचर ट्रेल बनाने की बात को प्रस्ताव में शामिल किया गया था। इसके अलावा सुरक्षा, लोगों के लिए शेड आदि भी बनाने को भी योजना में शामिल किया गया है।
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रुद्रपुर, जसपुर सिटी फारेस्ट तुलनात्मक तौर पर बड़े एरिया में बनना था, इसका प्रस्ताव केंद्र की विशेष योजना के तहत भेजा गया था। मंत्रालय ने प्रदेश के अन्य जगहों पर बनने वाली योजना के लिए अनुमति प्रदान कर दी है पर इन प्रस्तावों पर अनुमति नहीं मिल सकी है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए नए सिरे से प्रयास किया जाएगा। हल्द्वानी और सिंतोला के लिए प्रस्ताव गया है, इसे राज्य बजट से तैयार किया जाएगा।
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डॉ. तेजिस्वनी पाटिल, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं
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