नैनीताल। हाईकोर्ट ने भतीजी को गर्भवती कर हत्या के मामले में दायर चार्जशीट व समन आदेश को निरस्त करते हुए कहा है कि आरोपों में सत्यता नहीं पाई गई है।
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार भतरौजखान क्षेत्र की युवती ने 23 जुलाई 2020 को घर मे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका की बहन ने अपनी मां को बताया था कि दीदी का चाचा के साथ प्रेम प्रसंग था और वह चाचा के बच्चे की मां बनने वाली थी। इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम के बाद मेडिकल जांच में साफ हो गया था कि युवती गर्भवती नहीं थी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। मृतका की मां ने पुलिस जांच पर सवाल खड़े किए जिसके बाद तीन माह बाद कब्र से शव को निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम किया गया लेकिन उसके बाद भी युवती के गर्भवती होने की पुष्टि नहीं हई। इस बीच, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 306 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी जिसे याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।