भीमताल (नैनीताल)। तिकोनिया से तल्लीताल जा रही स्विफ्ट डिजायर कार सोमवार की सुबह हरशिखर होटल के पास अनियंत्रित होकर झील में जा गिरी। कार में सवार ड्राइवर और जलसंस्थान में पंप ऑपरेटर की डूबने से मौत हो गई। झील में गिरी कार को एसडीआरएफ की टीम ने चार घंटे बाद क्रेन से निकाला गया।
हादसा सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे हुआ। मृतकों की शिनाख्त भीमताल निवासी ललित मोहन (23) पुत्र गोपाल राम और अल्मोड़ा के हवलबाग निवासी कुलदीप शाह (24) पुत्र नंदलाल शाह के रूप में हुई। कुलदीप शाह भीमताल जलसंस्थान में पंप ऑपरेटर के पद पर काम करता था। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। कुलदीप के शव की शिनाख्त उसके मामा सचिन साह ने की। कार (स्विफ्ट डिजायर यूके 04 टीए 8726) भीमताल निवासी आलोक जोशी की है, जिसे ललित की बुआ का बेटा नंदन कुमार चलाता था। सोमवार को उसकी तबीयत खराब होने की वजह से कार को ललित लेकर गया था।
ललित तिकोनिया नहीं जाता तो बच जाती जान
थानाध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया कि सोमवार की सुबह ललित अपनी बुआ के बेटे नंदन कुमार की तबियत बिगड़ने पर उसे मल्लीताल में दिखाने के बाद तल्लीताल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा। इस बीच ललित की कुलदीप शाह से फोन पर बात हुई की वह अपने भाई को हल्द्वानी दिखाने जा रहा है। इस पर कुलदीप ने भी साथ चलने की बात बोलकर तिकोनिया से उसे ले जाने को कहा। कुलदीप की बात पर ललित तिकोनिया पहुंचा जहां से वह वापस तल्लीताल अस्पताल लौट रहा था। घटनास्थल पर मौजूद लोग यही कहते रहे कि अगर ललित तिकोनिया नहीं गया होता तो शायद घटना नहीं होती। ललित मोहन चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। ललित के पिता शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त है। बड़ा भाई पंतनगर विश्वविद्यालय में पढ़ाई करता है।
कुलदीप ने रात भर की थी ड्यूटी
कुलदीप शाह ने रविवार रातभर जलसंस्थान पंप में ड्यूटी की थी। सोमवार की सुबह वह ड्यूटी कर वापस भरतपुर कमरे को जा रहा था लेकिन ललित से बात होने के बाद वह भी उसके साथ तिकोनिया से कार में बैठकर तल्लीताल को जाने लगा। इस बीच हादसा हो गया। जलसंस्थान के जेई अनिल परिहार ने बताया कि कुलदीप शाह 2014 से जलसंस्थान भीमताल में ठेके पर पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। मामा राकेश शाह ने बताया कि कुलदीप इकलौता था और अब तक शादी नहीं की थी। उसके पिता का पूर्व में निधन हो गया है।
बिना संसाधन के लाचार नजर आई पुलिस
कार के झील में गिरने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर तो पहुंची लेकिन बिना संसाधनों के लाचार नजर आई। पुलिस के पास झील से शवों को निकालने के लिए कांटे, बांट सहित अन्य उपकरण न होने से एसडीआरएफ का इंतजार करना पड़ा। साढ़े आठ बजे पहुंची एसडीआरएफ टीम ने झील में उतरकर देखा तो कार के 20 फीट गहरी खाई में होने के कारण हाथ पीछे खींच लिए। बाद में क्रेन की मदद से कार को झील से निकाला गया। भीमताल में तैनात जल पुलिस कर्मी भी मौके पर मुस्तैद नहीं था।
वाहनों के दबाव और भीड़ से उठानी पड़ी समस्या
भीमताल झील में कार गिरने की सूचना मिलने पर लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। वाहनों की भी लाइन लग गई। सोशल मीडिया में यह बात वायरल हुई कि कार में चार से पांच लोग सवार थे। इससे पुलिस अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए थे।