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कार खाई में गिरी, चार की मौत

Thu, 01 Dec 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल।
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accident in nainital - फोटो : AmarUjala
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नैनीताल से भवाली की ओर जा रही सैलानियों की ईको स्पोर्ट्स कार मंगलवार देर रात पाइंस के पास असंतुलित होकर करीब 900 मीटर खाई में जा गिरी। हादसे में कार में सवार चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
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हादसा इतना भयावह था कि कार के परखचे उड़ गए और शव भी क्षतविक्षत हो गए। घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह खाई से शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। हादसे में मारे गए चारों युवक दिल्ली के रहने वाले थे।

पुलिस के मुताबिक मंगलवार देर रात करीब 12:35 बजे के किसी राहगीर ने डांठ स्थित पुलिस बूथ को पाइंस के पास कार हादसे की सूचना दी। सूचना पर तल्लीताल के थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
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इसी बीच दमकल कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। लेकिन, कार के अधिक गहराई में गिरने और अंधेरा होने के चलते काफी मशक्कत के बाद भी पुलिस कर्मियों को न तो कोई घायल नजर आया और न ही कोई शव।

बुधवार सुबह करीब छह बजे तल्लीताल और ज्योलीकोट पुलिस, दमकल कर्मी, एसडीआरएफ के जवान और पुलिस लाइन में गठित आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंचकर खाई में उतरी।

करीब 900 मीटर नीचे पहुंचने पर वहां परखचे उड़ी कार के साथ साथ 10-15 मीटर की दूरी पर अलग-अलग छिटके चार युवकों के शव नजर आए।

दुर्घटनास्थल तक पहुंचने के लिए रास्ता न होने के कारण एसडीआरएफ के जवानों ने रेस्क्यू अभियान के तहत रीवर क्रॉसिंग विधि अपनाते हुए रोप और स्ट्रेचर की मदद से करीब आठ घंटे से अधिक समय की कड़ी मशक्कत के बाद चारों युवकों के शवों को खाई के नीचे की ओर स्थित भवाली-ज्योलीकोट रोड पर पहुंचाया।

थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक ने बताया कि हादसे में मारे गए युवकों में शामिल एक युवक की जेब से मिले ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर उसकी शिनाख्त राहुल चौधरी (19) पुत्र तेक सिंह निवासी मकान 2/3 राजीव नगर मेनरोड कांजवाला रोड बेगमपुर, नई दिल्ली के रूप में हुई। 


मृतक की जेब से मिली आईडी के आधार पर पुलिस ने राहुल के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हादसे की जानकारी दी। देर शाम करीब सात बजे हादसे में मारे गए युवकों के परिजन तल्लीताल थाना पहुंचे।

थानाध्यक्ष पाठक ने बताया कि मृतकों में राहुल चौधरी के अलावा रोहित सेठी (15) पुत्र अजय कुमार सेठी निवासी मकान नं. 179 गली नं. 5 शास्त्री पार्क बुराड़ी उत्तराखंड इनक्लेब दिल्ली 84, अभिषेक चौधरी (23) पुत्र संजीव कुमार निवासी ए-45 आरकेपुरम गोविंदपुर थाना कविनगर गाजियाबाद और अंशु (22) पुत्र मुकेश कुमार निवासी मकान नं. 140 उत्तराखंड कालौनी चौरासी दिल्ली शामिल हैं।

खबर लिखे जाने तक चारों मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर उनकी शिनाख्त कर पंचनामा भर दिया था। शवों के पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही थी। 

दो पैराफिटों को तोड़कर खाई में गिरी कार 

पाइंस के पास बीती देर रात हुए कार हादसे के कारणों का सही पता नहीं चल पा रहा है। पुलिस का मानना है कि तेज रफ्तार या फिर चालक का नशे की स्थिति में होना भी हादसे की वजह हो सकता है।

कार की स्पीड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर लगने के बाद कार ने सड़क किनारे लगे दो पैराफिटों को तोड़ दिया और खाई में जा गिरी। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जाएगी।

रेस्क्यू में जुटे जवानों के प्रयासों को सराहा

आमतौर पर जब कभी कोई हादसा होता है तो रेस्क्यू अभियान के दौरान न केवल आपदा प्रबंधन से संबंधित उपकरण की भारी कमी नजर आती है, बल्कि उस तेजी से साथ रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलता जैसा कि चलना चाहिए।

मगर इस बार एसडीआरएफ की टीम के पास मौजूद रेस्क्यू उपकरणों की मदद से ही जवानों, पुलिस कर्मियों, दमकल कर्मियों ने शवों को खाई से निकालने के लिए घंटों तक पसीना बहाया।

ऐसे में हर किसी ने रेस्क्यू अभियान में जुटे जवानों के प्रयासों की सराहना की। उक्त अभियान का नेतृत्व एएसपी हरीश चंद्र सती ने किया। 

राहत बचाव में स्थानीय लोगों का मिला पूरा सहयोग  

पाइंस में जिस स्थान पर कार हादसा हुआ उसके ठीक नीचे की ओर खूपी गांव है। जैसे ही ग्रामीणों को कार हादसे की सूचना मिली तो वह भी राहत और बचाव के लिए दुर्घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

खूपी निवासी जीवन लाल, प्रेम कुमार, प्रमोद कुमार, ग्राम प्रधान माया देवी, रवि कुमार, सनीकांत, योगेश कांत, मुकेश चंद्र, कमल, प्रेम प्रकाश, नंद लाल सहित एएसपी हरीश चंद्र सती, सीओ विजय थापा, सीओ भवाली राजेंद्र सिंह हयांकी, भवाली के कोतवाल महेश चंद्र जोशी, थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक, मुन्नवर सिंह, दमकल के दिनेश लाल, देवेंद्र कुमार, गौरव कार्की, नरेश जोशी, प्रेम प्रकाश, राम गिरी और एसडीआरएफ के दरबान सिंह ने अपनी टीम के साथ शवों को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। 

नजर नहीं आई रेडक्रॉस सोसायटी 

पाइंस कार हादसे के दौरान जहां पुलिस और स्थानीय लोग दिनभर राहत और बचाव में जुटे रहे, वहीं दुर्घटनास्थल से महज सात-आठ किलोमीटर दूरी पर मौजूद जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से दुर्घटनास्थल की सुध तक नहीं ली गई।

इससे रेडक्रॉस सोसायटी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। 

मृतकों को लेकर बना असमंजस 

कार हादसे की खबर सुबह-सुबह लोगों तक पहुंच गई, लेकिन हादसे के घायलों और मृतकों को लेकर देर तक असमंजस बना रहा।

जिला क्रीड़ा संघ के महासचिव अजय साह ने बताया कि बीती रात मलिक स्पोर्ट्स दिल्ली और किशन गंज जिमखाना दिल्ली की टीमों के खिलाड़ी भी नैनीताल से रवाना हुए थे।
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जैसे ही उन्हें इस हादसे की खबर मिली तो वह भी मीडिया कर्मियों से हादसे में मारे गए लोगों के नाम-पते पूछते रहे। 
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