लामाचौड़ हल्द्वानी से मधुमक्खियों के बक्से लेकर सूपी जा रहा कैंटर मंगलवार तड़के दुत्कानेधार के पास असंतुलित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कैंटर में सवार पांच लोग घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर बनी हुई है। कैंटर हादसे में मारे गए एक व्यक्ति का शव बुरी तरह फंसा होने के कारण लगभग आठ घंटे के बाद निकाला जा सका।
जानकारी के मुताबिक कैंटर संख्या यूके 04 सीए-4317 मंगलवार की रात लामाचौड़ हल्द्वानी से मधुमक्खियों की तीन सौ पेटियां लेकर रामगढ़ ब्लाक के सूपी गांव जा रहा था। मंगलवार तड़के तीन बजे के करीब कैंटर दुक्तानेधार के समीप तीव्र मोड़ पर असंतुलित होकर चालीस मीटर गहरी खाई में जा गिरा। कैंटर के खाई में गिरने के दौरान तेज धमाका होने से आसपास के लोगों में जाग हो गई और वह अपने घरों से बाहर निकल आए।
हादसे में कैंटर में सवार मयंक पांडे (36) पुत्र टीसी पांडे निवासी आवास विकास हल्द्वानी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि भुवन थापा (19) पुत्र मनोहर थापा निवासी पीपलपड़ाव, लामाचौड हल्द्वानी ने अस्पताल ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। दुर्घटना में कैंटर चालक शिवराज सिंह (40) पुत्र हयात सिंह, निवासी कानिकोटा, देवीधुरा,चंपावत, राहुल पंवार (20) पुत्र दया राम निवासी गुलालाल, गदरपुर जिला ऊधमसिंह नगर, सुरेंद्र नेगी (20) पुत्र नंदन सिंह निवासी गुलरभोज जिला ऊधमसिंह नगर, नीरज जीना (30) पुत्र नर सिंह जीना निवासी विजयघाट, नैनीताल और अमित पांडे (29) पुत्र खीमानंद पांडे निवासी पनुवानौला, अल्मोड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए।
आनन फानन में घायलों को तल्ला रामगढ़ स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। चालक शिवराज सिंह की स्थिति गंभीर बनी हुई थी। हादसे की सूचना मिलने के बाद कैंटर स्वामी राजेंद्र बिष्ट निवासी लामाचौड़ भी मौके पर पहुंच गए थे। हादसे की सूचना मिलने पर मुक्तेश्वर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मयंक पांडे के शव को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी जबकि भुवन थापा के शव को नैनीताल भेजा है।
बोल्डर बना दुर्घटना का कारण
मुक्तेश्वर (नैनीताल) आठ साल पहले बरसात में दुत्कानेधार मार्ग पर एक मकान की दीवार को क्षतिग्रस्त करते हुए एक बोल्डर रोड तक आ पहुंचा था। तब से इस स्थान पर कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय निवासी खुशाल सिंह, आन सिंह व डूंगर सिंह का कहना है कि उक्त स्थान पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार विभागीय अधिकारियों से बोल्डर को हटाने की मांग की जा चुकी है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मधुमक्खियां बनी परेशानी का सबब
मुक्तेश्वर (नैनीताल)। कैंटर के खाई में गिरने से उसमें रखे गए मधुमक्खी के अधिकांश बाक्स क्षतिग्रस्त हो गए और मधुमक्खियां बाहर मंडराने लगी। जिसके चलते बचाव कार्य में लगे पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुर्घटनास्थल पर बड़ी संख्या में मधुमक्खियां होने के कारण राहत और बचाव में विलंब हुआ। बाद में किसी तरह लोगों ने चेहरे में कपड़ा बांधकर और दस्ताने आदि पहन कर हादसे के घायलों को बाहर निकाला।