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कैंसर मरीजों का दुष्प्रभाव रहित होगा इलाज

Thu, 06 Aug 2015 01:10 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, हल्द्वानी।
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अब कैंसर के मरीजों का दुष्प्रभाव रहित इलाज होगा। उत्तराखंड में पहली बार कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए थ्री डी ब्रेकी थेेरेपी विधि का प्रयोग शुरू किया गया है।
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मेडिकल कालेज के स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट के कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार यह बेहद परिष्कृत और आधुनिक विधि है। देश में बहुत कम जगह इस विधि से रोगियों का इलाज होता है।

कैंसर के मरीजों का इलाज रेडियोथेरेपी विधि से होता है। रेडियोथेरेपी के जरिये जहां पर बीमारी होती थी, वहां पर विकरण का प्रभाव डालता था, लेकिन जिस अंग और त्वचा में बीमारी नहीं होती थी, वहां भी विकिरण पहुंच जाता था।
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इसे सामान्य भाषा में जला (विकिरण से ट्यूमर के डीएन को डैमज किया जाता) देना कहते थे। कैंसर इंस्टीट्यूट के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. स्वरूप कहते हैं कि अब हमने आधुनिक थ्री डी ब्रेकी थेरेपी से इलाज शुरू किया है।

 इसमें केवल बीमारी तक ही रेडियोथेरेपी का विकिरण पहुंचता है। डा. स्वरूप कहते हैं कि सीने में कैंसर के एक मरीज का इस विधि से इलाज किया गया। इससे उसके बीमारी के आसपास स्थित हृदय, त्वचा, फेफड़े में दुष्प्रभाव नहीं पड़ा।

 फिजिस्ट विनोद पांडे कहते हैं कि इसे थ्री डी ट्रीटमेंट प्लान कहते हैं कि इसमें रोगी का बेहतर इलाज बिना कोई दोष पहुंचाए किया गया है।

 इसमें हम डोज को बीमारी के हिसाब से बढ़ते और घटते क्रम में भी देख सकते हैं। विभागाध्यक्ष डा. केसी पांडे कहते हैं कि इससे कैंसर के मरीजों के इलाज में काफी मदद होगी।

कैंसर के मरीजों का तीन तरह से इलाज होता है। इसमें पहले को कीमोथेरेपी कहा जाता है, जिसमें दवाओं के माध्यम से इलाज होता है।

दूसरा सर्जरी जिसमें प्रभावित अंग आदि को सर्जरी कर हटा दिया जाता है। तीसरा रेडियोथेरेपी होता हे, इसमें विकिरण के माध्यम से बीमारी को खत्म किया जाता है। कैंसर इंस्टीट्यूट में रेडियोथेरेपी की दोनों तरीकों से इलाज किया जाता है।
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