वन ग्राम आमडंडा खत्ता में अनुसूचित जाति, जनजाति प्रकोष्ठ की बैठक में ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए सीएम द्वारा दिए गए आश्वासन पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई गई।
कांग्रेस अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष एसलाल ने बताया 24 वन ग्रामवासियों ने 16 मार्च से पांच अप्रैल तक तहसील में राजस्व का दर्जा और मूलभूत सुविधाओं को धरना-प्रदर्शन के बाद वार्ता कर समस्याओं के हल को छह माह का समय मांगा था।
एसलाल ने बताया धरने को तीन महीने बीतने के बाद भी सरकार ने इस संदर्भ में कोई ठोस पहल नही की है। कहा कि जल्द प्रत्येक वन ग्राम पंचायत में बैठक कर ग्रामीणों के सामने समस्याओं के हल की मांग को आंदोलन की बात रखी जाएगी।
इस दौरान रमेश चंद्र, चिंता राम, हेमा टम्टा, कैलाश चंद्र पपनै, मोहन राम, भुवन चंद्र, लक्ष्मी बिष्ट, बीना देवी, ललिता देवी, राधेराम, लीला देवी, मोहन चंद्र, बहादुर राम, धनीराम, हरीश सिंह, कन्नू, कुंदन राम, रमेश राम, देवकी देवी, सरस्वती देवी, गंगा देवी आदि थे।