वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगना अनिवार्य है, लेकिन शायद गौला खनन में लगे डंपरों के आगे नियम मायने नहीं रखते हैं। खनन क्षेत्र में बड़ी संख्या में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगे वाहन दौड़ रहे हैं। इसमें से कई वाहन ‘लोकल नंबर प्लेट’ बदल कर अवैध खनन के खेल में शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों के नंबर प्लेट बदलकर होने वाले अपराधों को रोकने के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का निर्देश दिया था। अगर वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगती है, तब तक वाहन की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकती। नए वाहनों के लिए नियम की तलवार और तमाम सख्ती हैं, लेकिन पुराने वाहनों को लेकर परिवहन विभाग का कोई ध्यान नहीं है। करीब चार साल पहले हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का नियम बना हुआ है। हर बार डंपर के फिटनेस से लेकर परमिट नवीनीकरण का काम होता है। इसके बाद भी परिवहन विभाग पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने को लेकर ध्यान नहीं दे रहा। \
गौला में करीब सात हजार तक वाहन वन निगम के गेट पर पंजीकृत हैं और खनन कार्य में लगे हैं। एक अनुमान के मुताबिक इनमें से करीब एक हजार वाहनों में ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी होगी, इसकी भी गारंटी नहीं है। जबकि, लोकल नंबर प्लेट बदलकर खुलेआम अवैध खनन का खेल हो रहा है। दूसरी तरफ अवैध खनन रोकने को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डिवाइस लगाने की योजना भी बनी, यह भी वन निगम की ढिलाई के चलते पूरी तरह कारगर नहीं हो सकी है।