भवाली/हल्द्वानी। नैनीताल बस अड्डे को उत्तराखंड परिवहन निगम को हस्तांतरित न किए जाने से कर्मचारियों में आक्रोश है। इसके विरोध में शुक्रवार को उत्तराखंड परिवहन निगम संयुक्त मोर्चा कुमाऊं क्षेत्र के बैनर तले भवाली डिपो के कर्मचारी नैनीताल में एक दिवसीय कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन करेंगे जिस कारण भवाली डिपो का संचालन पूर्ण रूप से बंद रहेगा। इधर, हल्द्वानी में भी उत्तराखंड रोडवेज संयुक्त मोर्चा एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में शामिल होगा। बता दें कि संयुक्त मोर्चा में कर्मचारियों की पांच यूनियन शामिल हैं।
भवाली में उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन के मंडल अध्यक्ष एलडी पालीवाल ने बताया कि संयुक्त मोर्चा कुमाऊं क्षेत्र की ओर से नैनीताल बस अड्डे को उत्तराखंड परिवहन निगम को हस्तांतरित न किए जाने के संबंध में आंदोलन का नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन तीन चरणों में होगा। प्रथम चरण में शुक्रवार को भवाली डिपो के कर्मचारी सुबह नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार पर रहेंगे।
इधर, हल्द्वानी में कार्य बहिष्कार के लिए हल्द्वानी डिपो से करीब 60 कर्मचारियों ने प्रार्थना पत्र दिया है। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार का असर नैनीताल रूट और पहाड़ी रूटों पर असर देखने को मिलेगा। उत्तराखंड रोडवेज संयुक्त मोर्चा की सचिव ने लीला बोरा ने बताया कि परिवहन निगम के तत्कालीन एमडी ने नैनीताल बस स्टेशन को सौंदर्यीकरण के लिए जिला विकास प्राधिकरण को इस शर्त पर दिया था कि नवीनीकरण के बाद स्टेशन परिसर पर निगम का अधिकार रहेगा लेकिन परिसर को अलग-अलग छह विभागों को सौंप दिया गया।
अब नैनीताल बस स्टेशन को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि बस स्टेशन को निगम में लाने के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा। इधर, एआरएम सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि संचालन पर कोई प्रभाव न पड़े, इसके लिए तैयार की गई है। कोशिश रहेगी कि हम रूट पर समय से रोडवेज बसों का संचालन हो।
यात्रियों को होगी परेशानी
भवाली (नैनीताल)। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन के मंडल अध्यक्ष एलडी पालीवाल ने बताया कि भवाली डिपो से बसों का संचालन बंद होने से दिल्ली, देहरादून, गोपेश्वर, नैनीताल, मूसरी, भीमताल, आगरा और सुरईखेत मार्गों पर सेवा ठप रहेगी। बसों की आवाजाही बंद होने से स्कूल-कॉलेज के बच्चों, कर्मचारियों और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही टैक्सी वाहनों में अतिरिक्त किराया देकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।